जयपुर। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर 19 सितंबर को विभिन्न योग संयोग में गणेशजी चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन रवि योग, ध्वज (केतु) योग, श्रीवत्स योग, कुमार योग और अंगारक योग रहेंगे। घर—घर, द्वार—द्वार गणेशजी महाराज का पूजन होगा। शहर में गणेश जन्म का उल्लास छाएगा। इससे पहले मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में जन्मोत्सव के कार्यक्रम 11 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में अभिषेक के साथ ध्वजारोहण व ध्वज पूजन के साथ शुरू होंगे।
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के महन्त कैलाश शर्मा ने बताया कि सोमवार को सुबह 8 बजे पुष्य नक्षत्र में भगवान गणेश जी महाराज का पंचामृत अभिषेक सर्वप्रथम संकल्प लेकर प्रारंभ होगा। सुबह 8 से भगवान श्री का पंचामृत अभिषेक होगा, जिसमें 251 किलो दूध, 25 किलो बूरा, 50 किलो दही, 11 किलो शहद, 11 किलो घी का उपयोग होगा। उसके बाद भगवान श्री का गुलाब जल एवं केवड़ा जल से अभिषेक होगा। इस अवसर 501 महिलाएं कलश यात्रा लेकर आएगी, जिससे भगवान का अभिषेक होगा। अभिषेक के बाद भक्तों को रक्षा सूत्र व हल्दी प्रसाद बांटा जाएगा। इसके बाद ध्वज पूजन होगा, नवीन ध्वज धारण होंगे। वहीं गणेशजी महाराज के 108 मोदक अर्पित किए जाएंगे। मोदक अर्पण 17 सितंबर तक चलेगा।
यह रहेगा कार्यक्रम
13 सितंबर को मोदकों की झांकी
14 से 17 सितंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम
18 सितंबर को सिंजारा महोत्सव
19 सितंबर को गणेश चतुर्थी
20 सितंबर को गणेशजी महाराज की शोभायात्रा
ये बन रहे संयोग
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर 19 सितम्बर को इस बार गणेश चतुर्थी मनायी जाएगी। इस दिन रवियोग दोपहर 1:48 बजे तक रहेगा। ध्वज (केतु) योग दोपहर 1:48 बजे तक और इसके बाद अगले सूर्योदय तक श्रीवत्स योग रहेगा। कुमारयोग दोपहर 1:48 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक रहेगा। वहीं अंगारक योग पूरे दिन रहेगा।