
WEST BENGAL GANGASAGAR-गंगासागर मेले के आयोजन पर असमंजस
सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार, यह लोकोक्ति यूं ही नहीं प्रसिद्ध है। मोक्ष की कामना को लेकर हर साल मकर संक्रांति पर पश्चिम बंगाल के गंगासागर में लाखों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं। इस बार विश्व प्रसिद्ध गंगासागर मेला 8 से 17 जनवरी तक चलेगा। पुण्य स्नान 14 जनवरी शाम से 15 जनवरी शाम तक पूरे 24 घंटे होगा। सीएम ममता बनर्जी ने बुधवार को यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था की है। इस बार मेला प्रतिबंध मुक्त होगा। मेले में पचास लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
बनारस की तर्ज पर गंगा आरती
बनारस की तर्ज पर गंगासागर के दो नंबर समुद्र तट पर तीन दिन संध्या आरती होगी। कपिलमुनि मंदिर के अंकित महाराज ने बताया कि राज्य सरकार की व्यवस्था पर मंदिर कमेटी के पुजारी 12 से 14 जनवरी को गंगा आरती करेंगे। आरती की शुरुआत शंखनाद से होगी। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है।
कुंभ के बाद यह दूसरा बड़ा मेला माना जाता है। देश की सबसे पवित्र गंगा नदी गंगोत्री से निकल कर पश्चिम बंगाल में आकर सागर से मिलती है। गंगा का जहां सागर से मिलन होता है, उस स्थान को गंगासागर कहते हैं। इसे सागरद्वीप भी कहा जाता है। इस तीर्थस्थल पर कपिल मुनि का मंदिर है। हिन्दू धर्मग्रन्थों में इसकी चर्चा मोक्षधाम के तौर पर की गई है।
एक टिकट पर यात्रा: तीर्थयात्री एक ही टिकट पर महानगर के आउट्रमघाट से गंगासागर की यात्रा कर सकेंगे। उन्हें बस, लॉन्च के लिए अलग भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
Published on:
22 Dec 2022 11:34 pm
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