
Gangaur 2023 : घर-घर गणगौर पूजन, मंदिरों में ठाकुरजी को घेवरों का भोग
जयपुर। चैत्र शुक्ल तृतीया पर सर्वार्थसिद्धि योग के बीच आज लोकपर्व गणगौर का उल्लास नजर आ रहा है। घर-घर गणगौर पूजन किया जा रहा है। महिलाएं समूह में गणगौर पूजन करती नजर आ रही हैं। वहीं मंदिरों में ठाकुरजी को घेवरों का भोग लगाया जा रहा है। इस मौके पर विशेष झांकी के दर्शन हो रहे हैं।
महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और लड़कियां श्रेष्ठ वर की प्राप्ति के लिए गणगौर पूजा कर रही है। ईसर—गणगौर की पार्वती व शिव के रूप में पूजा की जा रही है। कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पूजा कर रही है, वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना और अखंड सुहाग की कामना के लिए व्रत रखकर गणगौर पूजन कर रही है। पूजन कर उन्हें भोग स्वरूप गुणा—सकरपारा अर्पित किए जा रहे है। उद्यापन करने वाली महिलाएं 16 सुहागिनों को भोजन कराकर उपहार स्वरूप भेंट देंगी। वहीं उद्यापन नहीं करने वाली महिलाएं अपनी सासु मां को बयाना देकर आशीर्वाद लेंगी। शाम को सूर्यास्त से पहले गणगौर को पानी पिलाने के बाद जलाशयों, तालाब, कुओं में विसर्जित की जाएगी। इसके साथ धुलंडी से शुरू हुई गणगौर पूजा संपन्न होगी।
जनानी ड्योढ़ी से आज शाम को निकलेगी गणगौर की शाही सवारी
लोेकपर्व गणगौर के उल्लास के बीच शाम 5.45 बजे जनानी ड्योढी से शाही लवाजमे के साथ परम्परागत गणगौर की सवारी निकलेगी। इसमें देश भर से 100 से अधिक लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसमें कच्ची घोडी़, मयूर नृत्य, अलगोजावादक, कालबेलिया नृतकों के समूह, बहुरूपिया कलाकार, मांगणियार औऱ तेरहताली की प्रस्तुतियों के बीच गणगौर माता की सवारी देखने को मिलेगी। गणगौर की सवारी में पारंपरिक तोप धारक वाहन, सजे हुए रथ, सजे धजे घोड़े और ऊंट का लवाजमा शामिल रहेंगे।
Published on:
24 Mar 2023 10:42 am
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