
लंदन में निकली गणगौर की सवारी: प्रवासी राजस्थानी समुदाय ने जीवंत की देसी पारंपरिक संस्कृति
जयपुर। लंदन में राजस्थानी प्रवासी महिलाओं ने गणगौर उत्सव बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ यूनाइटेड किंगडम (आरएयूके) की ओर से आयोजित किया जाने वाला यह उत्सव ब्रिटेन में रहने वाले राजस्थानी समुदाय के लिए एक सांस्कृतिक सेतु का काम कर रहा है।
आरऐयूके के ट्रस्टी कुलदीप सिंह शेखवात ने कहा कि इस कार्यक्रम में भारत के बाहर सबसे बड़ी 'ईसर-गौर' की सवारी इंग्लैंड के हैरो में पारंपरिक लोक गीतों की धुन के साथ निकाली गई। डॉ अंजलि शर्मा और रेनू जोशी की अगवाई मे लंदन में गणगौर उत्सव राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं के साथ ढ़ोल नगाड़ो की धूम से शुरू हुआ। हरेंद्र सिंह जोधा ने बताया कि इस कार्यक्रम ने राजस्थानी सांस्कृतिक विरासत की सुंदरता से वैश्विक दर्शकों को मोहित किया और अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए समुदाय के प्यार और स्नेह को मजबूत किया।
राजस्थानी व्यंजनों का लिया आनंद
कार्यक्रम की मीडिया प्रभारी पुष्पा चौधरी ने बताया कि पूरे ब्रिटेन की राजस्थानी महिलाओं ने गणगौर उत्सव में बढ़-चढ़कर उत्साह से हिस्सा लिया। इस उत्सव में महिलाओं के नेतृत्व वाले महाघूमर का आयोजन भी किया गया। गणगौर उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण राजस्थानी व्यंजन रहे, आगंतुकों को राजस्थानी कढ़ी, पकोड़ा, लापसी, पूड़ी, दाल, चावल, लहसुन की चटनी और पापड़ जैसे स्वादिष्ट राजस्थानी व्यंजन परोसे गए।
गणगौर से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ आयोजन
इस आयोजन का एक और रोमांचक पहलू महिलाओं द्वारा पारंपरिक तरीकों से बनाए गए अभिनव पूजा के वीडियो हैं, जो उन लोगों का मार्गदर्शन करते हैं जो गणगौर उत्सव के लिए नए हैं या राजस्थानी नहीं हैं, लेकिन प्रेम और सुहाग के उत्सव गणगौर को मनाना चाहते हैं। इन वीडियो ने त्योहार की परंपराओं की सुंदरता और महत्व को समझाया। कार्यक्रम की समन्वयक राखी गहलोत ने बताया कि राजस्थानी थीम को प्रदर्शित करते हुए महिलाओं द्वारा की गई सजावट ने उत्सव के माहौल में चार-चांद लगा दिए। सामूहिक रूप से 100 से अधिक महिलाओ ने गंवर-ईशर का विधिवत पूजन किया। सभी ने एक साथ गणगौर से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों का आनंद लिया।
राजस्थानी भाषा में की बातचीत
गणगौर उत्सव के दौरान सभी ने राजस्थानी भाषा में बातचीत की। जिससे दौरान बच्चों को नए राजस्थानी शब्द और कहावतें सीखने का अवसर मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी राजस्थानी भाषा में ही हुए। इस उत्सव ने राजस्थानी भाषाओं को समृद्ध बनाने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत के प्रति लोगों में संबद्धता बढ़ाई।
महिलाओं की टीम ने संभाली व्यवस्था
राखी सिंह ने बताया कि गणगौर कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान एसोसिएशन यूके की महिला स्वयंसेवकों की एक टीम ने किया गया। जिसमें आंचल गोयल, भावना शर्मा, किरण नाथवत, रागिनी, अनुजा, सृष्टि भती, विजया दवे, कृष्णा जोधा, अंजलि, रेणु, रागिनी, आंचल, विजया और पुष्पा समेत अन्य शामिल हैं। लंदन में गणगौर महोत्सव राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं का एक सफल उत्सव था, जिसने उपस्थित लोगों पर एक चिरस्थायी प्रभाव छोड़ा । इस उत्सव ने राजस्थानी सांस्कृतिक विरासत की सुंदरता और अपनी समृद्ध परंपराओं के माध्यम से वैश्विक समुदाय को अपनेपन और स्नेह के साथ जोड़ा।
एक के बाद एक प्रस्तुति
राजीव और कृष्णा ने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शिवी ने घूमर, सुरभि जैन ने केसरिया बालम, दिशिता चौहान ने बन्ना थारी, निकिता ने कजालियों, इनाया ने गजबन, सान्वी और प्रीति ने पगलिया री पायलदा, अनाया और अकीरा ने म्हारे हाथ में चुडला, रितु सिंह ने लुगदी, सान्वी ने और रंग दे म्हाणे साथ, मानवी, स्वाति, राधिका, हिमानी और जस्सी कंवर ने भी बेहतरीन प्रस्तुति देकर सभी की वाहवाही बटोरी।
Published on:
13 Mar 2023 05:38 pm
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