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कुलदीप जघीना हत्याकांड: 3 आरोपियों ने अचानक किया सरेंडर, बोले- थानेदार साहब, कुलदीप के ससुराल वाले हमें मार देंगे

Kuldeep Jaghina Murder: गैंगस्टर कुलदीप जघीना हत्याकांड मामले में तीन इनामी आरोपियों ने डीग कोतवाली में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले आरोपियों ने कहा कि उनका कुलदीप जघीना हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है।

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Kuldeep Jaghina Murder: गैंगस्टर कुलदीप जघीना हत्याकांड मामले में तीन इनामी आरोपियों ने डीग कोतवाली में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले आरोपियों ने कहा कि उनका कुलदीप जघीना हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। सरेंडर करने वाले तीन आरोपी पंकज, देवेंद्र और लोकेंद्र ने करीब 11:00 बजे भरतपुर जिले की डीग कोतवाली में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे सीओ आशीष कुमार प्रजापत ने कुलदीप जघीना हत्याकांड के तीन आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों का कहना है कि उनको राजनीतिक दबाव से जान का खतरा था, इसलिए कोतवाली में आत्मसमर्पण किया है।

पुलिस हत्या के आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। सरेंडर करने आए लोकेंद्र ने कहा कि हलैना थाने में जहां मामला दर्ज है। उसके पास ही कुलदीप जघीना का ससुराल सरसेना गांव है। कुलदीप के ससुराल वालों ने 15 दिन में हमें खोजकर मारने की धमकी दी है। पुलिस ने हमारे ऊपर इनाम रखा हुआ है। अब आरोपी यह दावा कर रहे हैं कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। एक दिन पहले ही आईजी रूपिंद्र सिंघ ने चार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए की इनाम की राशि को बढ़ाकर 50-50 हजार रुपए किया था।

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कुलदीप जघीना हत्याकांड मामले में बुधवार को मृतक कुलदीप की मां और बहन ने पुलिस और हमलावर पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। बहन ऋचा का आरोप है कि हमलावरों पर पुलिस ने कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की होती तो ये घटना नहीं होती और ये दिन नहीं देखने पड़ते। इसलिए सभी चालानी गार्ड को सस्पेंड कर हमलावरों के खिलाफ एनएसए की धारा के तहत कार्रवाई की जाए। ऋचा ने घटना से पहले बस में से उतरी महिला की भी जांच करने की मांग की है।

ऋचा ने कहा कि इस पूरे षड्यंत्र में कृपाल जघीना का भाई रविंद्र जो खुद पुलिसकर्मी है और उसका पुलिसकर्मी दोस्त पुष्कर शामिल है। इन दोनों ने मिलकर ही पूरी साजिश रची थी। लेकिन ना तो अभी तक इनको सस्पेंड किया गया है और ना इनको गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि रविंद्र घटना के समय जानबूझकर ड्यूटी पर था ताकि उस पर कोई शक ना करे।

ऋचा और उसकी मां ने दोनों को गिरफ्तार करने की मांग की है। घटना से पहले बस में से एक महिला कंधे पर बैग लटका के नीचे उतरी थी। आरोप है कि वो कृपाल जघीना की पत्नी थी। मृतक कुलदीप की मां ऊषा ने चेतावनी दी है कि वो गुरुवार से एसपी कार्यालय के बाहर धरना देंगी। जब तक पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लेगी वो धरने पर बैठी रहेंगी।

बड़ा सवाल यह भी है कि एक ही गांव जघीना के दो परिवारों के बीच अब रंजिश उबाल पर है। ऐसे में इन दो परिवारों को कृपाल हत्याकांड से पहले भी समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पंचायत में भी इन दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी, बल्कि उस पंचायत के बाद तो रंजिश और बढ़ गई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि चार सितंबर 2022 को कृपाल सिंह जघीना की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पड़ताल में सामने आया है कि 12 जुलाई की जिस दिन गैंगस्टर कुलदीप जघीना की रोडवेज बस में हत्या की गई थी, उस दिन से ही मृतक कृपाल सिंह जघीना के परिजन गांव से गायब हो गए थे। ऐसे में पुलिस को भी आशंका है कि संभवतया हत्याकांड के मास्टरमाइंड ने परिजनों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें घटना से पहले ही अन्यत्र भेज दिया था। हालांकि कुलदीप जघीना व कृपाल जघीना के घर के बाहर पुलिस बल तैनात है।