
जयपुर. पत्रिका न्यूज नेटवर्क. राज्य की ढाई लाख बालिकाओं को गार्गी और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के प्रमाण पत्र इस बार ऑनलाइन दिए जाएंगे। पहली बार बालिकाएं शाला दर्पण पोर्टल से अपने प्रमाण पत्र ऑनलाइन निकलवा सकेंगी। वहीं, इन्हें भविष्य में दोबारा भी प्राप्त किया जा सकता है। यह प्रमाण पत्र सत्र 2021-22 और 22-23 में आवेदन करनी वाली बालिकाओं को दिये जा रहे हैं। इससे पहले बसंत पंचमी के दिन बालिका फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ये प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि बालिकाओं को दी जाती थी। कोरोना के कारण पिछले दो साल से यह कार्यक्रम नहीं हुआ। इस बार बसंत पंचमी से ऑनलाइन प्रमाण पत्र देने की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा बालिकाओं को पुरस्कार राशि उनके डीबीटी बैंक खातों में देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फाउंडेशन के उप सचिव तेजपाल मूंड ने बताया कि पहले प्रमाण पत्र संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों से वितरित करवाए जाते थे। इस बार बालिकाओं ने जहां से आवेदन किया, वे वहीं शाला दर्पण पोर्टल से प्रमाण पत्र ले सकती हैं।
अब 20 फरवरी तक आवेदन:
फाउंडेशन की ओर से दिए जाने वाले गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी है। वहीं, आवेदन की तिथि 3 बार बढ़ाई जा चुकी है, लेकिन पुरस्कार के लिए करीब 50 फीसदी पात्र बालिकाओं ने आवेदन नहीं किया। 164416 बालिकाओं की संख्या को देखते हुए फिर से आवेदन लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए बालिका का जनाधार नंबर और जनाधार मेम्बर आईडी नंबर अनिवार्य है।
2.51 लाख बालिकाओं को मिलेगा गार्गी:
गौरतलब है कि गार्गी पुरस्कार के रूप में 3 हजार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपए की राशि बालिकाओं के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। फाउंडेशन की ओर से इस साल 2,51,965 बालिकाओं को गार्गी और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाना है। अभी तक गार्गी पुरस्कार की प्रथम किस्त के योग्य 63086 बालिकाओं में से 25486 ने, दूसरी किस्त के योग्य 80566 में से 11749 बालिकाओं ने और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के योग्य 108317 में से 50314 बालिकाओं ने आवेदन किया है। कुल 87549 बालिकाएं आवेदन कर चुकी हैं और 164416 बालिकाओं को अभी आवेदन करना है।
Published on:
27 Jan 2023 11:11 am
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