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जीडीपी ग्रोथ रेट 25% गिरी, आदि गोदरेज ने मोदी सरकार को बताया सुस्त

वर्ष 2018-19 के पहली तिमाही के मुकाबले जीडीपी ( GDP ) ग्रोथ रेट 2.3 प्रतिशत गिर गई। इस पर मशहूर उद्योगपति आदि गोदरेज ने मोदी सरकार को सुस्त बताया। दरअसल, वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 फीसदी थी, जो इस साल (2019-20) की पहली तिमाही में गिरकर 5.8 फीसदी रह गई है। इस बीच, शुक्रवार को ही वित्त मंत्री ( Finanace Minister ) निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitaraman ) ने देश की आर्थिक सेहत सुधारने को कुछ अहम घोषणाएं की हैं। बता दें, गुरुवार को ही मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ( CEA ) कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ( Krishnamurthy Subramaniam ) ने प्राइवेट कंपनियों से फाइनेंशियल पैकेज ( Financial package ) का रोना ना रोने की बात कह दी थी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कंपनियों को 'पापा बचाओ' की मानसिकता को बदलने की जरूरत है।
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जीडीपी ग्रोथ रेट 25% गिरी, आदि गोदरेज ने मोदी सरकार को बताया सुस्त

जीडीपी ग्रोथ रेट 25% गिरी, आदि गोदरेज ने मोदी सरकार को बताया सुस्त

राजेंद्र शर्मा। इस वर्ष जनवरी से मार्च की पहली तिमाही में जीडीपी ( GDP ) ग्रोथ रेट ( Growth Rate ) पिछले पांच साल में सबसे कम 5.8 फीसदी रही। वर्ष 2018-19 के पहली तिमाही में जहां जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 प्रतिशत थी, वहीं इस साल (2019-20) की इसी तिमाही में गिरकर 5.8 फीसदी रह गई है। जाहिर है, एक साल में करीब 25 फीसदी की गिरावट जीडीपी ग्रोथ रेट में रही है।

मूडीज ने घटाया अनुमान

इंटरनेशनल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ( Moody's ) ने शुक्रवार को साल 2019 के जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमानों को घटाते हुए 6.2% रहने का अनुमान जताया है। इसके साथ ही इस एजेंसी ने कहा है कि वर्ष 2020 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.7 फीसदी रहनी संभव है। यह अनुमान पहले के अनुमानों में 0.6 फीसदी की गिरावट है। वैसे, आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक साल में जीडीपी ग्रोथ रेट में 25 फीसदी की गिरावट आई है।

आदि गोदरेज का मोदी सरकार पर तंज

मशहूर उद्योगपति आदि गोदरेज ( Adi Godrej ) ने गिरती जीडीपी रेट और देश की खराब होती वित्तीय स्थिति पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि कश्मीर जैसे संवेदनशील और राजनीतिक मुद्दों पर मोदी सरकार फटाफट फैसले ले रही है, जबकि देश की बिगड़ती अर्थ व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं ले पा रही है। गोदरेज ने आरोप लगाया कि वित्तीय मामलों में फैसले लेने में मोदी सरकार सुस्त है।

कंजूमर कन्फिडेंस इंडेक्स भी घटा

देश में विभिन्न उत्पादों की मांग में आ रही कमी आर्थिक सेहत बिगड़ने के मुख्य कारणों में से एक है। कंजूमर डिमांड में गिरावट की वजह से कंजूमर इंडेक्स ( Consumer Index) भी लड़खड़ा रहा है। मार्च 2018 में कंजूमर कन्फिडेंस इंडेक्स ( Consumer Confidence Index ) 104.6 फीसदी था, जो अब सवा साल बाद जुलाई 2019 में घटकर 95.7 फीसदी रह गया है।

वित्त मंत्री सीतारमण का एलान

जीडीपी ग्रोथ रेट गिरने और विभिन्न कंपनियों के मंदी से त्रस्त होने की खबर के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सरकारी क्षेत्र के बैंकों के लिए 70 हजार करोड़ की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि इस कदम से आम लोगों को अब बैंकों से लोन लेने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ( PSU ) बैंकों को 70 हजार की रकम देने से बाजार में 5 लाख करोड़ की तरलता आएगी। इतना ही नहीं, सरकार ने कहा है कि बैंकों को चरणबद्ध तरीके से 5 लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इस कदम से पैसों की कमी से जूझ रहे बैंकों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने ( PSU ) बैंकों से आम लोगों के लिए होम और ऑटो लोन भी सस्ता करने के लिए कहा है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द बैंक होम लोन, ऑटो लोन समेत सभी तरह के लोन सस्ता करेंगे।