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गौपालन कर रहे सुरेन्द्र अवाना, लगाई गीर देशी नस्ल की गायों की डेयरी

हमारे देश में गाय को गौ माता का दर्जा दिया गया है। इसी भावना से प्रेरित होकर शिक्षा जगत से जुड़े सुरेन्द्र अवाना ने ग्राम पंचायत बिचून के भैराणा ग्राम मे 12 दिसम्बर 2016 को 2 गाय से गौपालन का कार्य शुरू किया था। वर्तमान में गीर देशी नस्ल की गायों की डेयरी संचालित कर गौ सेवा के कार्य से जुड़े हैं। शिवम डेयरी बिचून के नाम से संचालित डेयरी में 165 गाय व बछड़े हैं तथा गौशाला मैं जैविक खाद बनाने के प्लान्ट के साथ चिलिंग मशीन व दूध पैकिंग करने की व्यवस्था है। करीब 60 बीघा जमीन पर संचालित डेयरी में गायों के लिए 15 तरह का चारा की व्यवस्था है तथा गौबर व गौ मूत्र से फर्टीलाईजर व अन्य कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

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surendra awana

गौपालन कर रहे सुरेन्द्र अवाना, लगाई गीर देशी नस्ल की गायों की डेयरी

हमारे देश में गाय को गौ माता का दर्जा दिया गया है। देसी नस्लों के गोपालन को बढ़ावा देने की जरुरत है। प्रदेश के कई किसान गीर, थारपारकर आदि देसी नस्लों की गायों का पालन कर रहे हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर शिक्षा जगत से जुड़े सुरेन्द्र अवाना ने ग्राम पंचायत बिचून के भैराणा ग्राम मे 12 दिसम्बर 2016 को दो गायों के पालन से डेयरी कार्य शुरू किया था। वर्तमान में गीर देशी नस्ल की गायों की डेयरी संचालित कर गौ सेवा के कार्य से जुड़े हैं। शिवम डेयरी बिचून के नाम से संचालित डेयरी में 165 गाय व बछड़े हैं तथा गौशाला मैं जैविक खाद बनाने के प्लान्ट के साथ चिलिंग मशीन व दूध पैकिंग करने की व्यवस्था है। करीब 60 बीघा जमीन पर संचालित डेयरी में गायों के लिए 15 तरह का चारा की व्यवस्था है तथा गौबर व गौ मूत्र से फर्टीलाईजर व अन्य कई उत्पाद तैयार किए जाते हैं।