21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान : Ashok Gehlot सरकार तैयार कर रही ये ‘ख़ास’ सूची, जानें क्या होने वाला है बड़ा बदलाव?

राजस्थान : Ashok Gehlot सरकार तैयार कर रही ये 'ख़ास' सूची, जानें क्या होने वाला है बड़ा बदलाव?

2 min read
Google source verification
Ashok Gehlot ready to contest Congress prez polls

File Photo

जयपुर।

कांग्रेस अधिवेशन में विधायकों और पार्टी नेताओं की ओर से नौकरशाहों पर कार्यकर्ताओं के काम नहीं करने और उन्हें अहमियत नहीं देने के आरोपों की बौछार के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक्शन मोड में हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अधिवेशन में आए सुझावों पर अमल करते हुए नौकरशाहों पर अभी से ही लगाम कसने की तैयारी कर ली है और ऐसे अधिकारियों की सूची भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं जो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काम नहीं करते हैं और उनके काम अटकाते हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करके मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी और उसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

मुख्य सचिव को निर्देश, प्राथमिकता पर हो कार्यकर्ताओं के काम

बताया जाता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव उषा शर्मा को भी निर्देश दिए हैं कि जिला कलेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारियों के पास अगर कांग्रेस कार्यकर्ता अपना काम लेकर आते हैं तो उनके कामों को प्राथमिकता दी जाए और उनकी समस्या का समाधान करके उसकी रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को भेजी जाए।बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिए हैं कि तमाम जिला कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को भी इस तरह के मौखिक आदेश जारी किया जाएं।

इसलिए भी आई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद
दरअसल इसकी एक वजह यह भी है कि साल 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं और इन दिनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में स्वयं के काम नहीं होने से कार्यकर्ताओं में सरकार को लेकर ही अंदर खाने नाराजगी बढ़ती जा रही थी जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी का इजहार विधायकों के समक्ष भी किया था। सरकार को अब डर इस बात का था कि अगर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती गई तो फिर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी और सरकार दोनों को संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के लिए उनके काम काज किए जाएं और उनकी नाराजगी दूर की जाए।

पीसीसी में मंत्री दरबार भी फिर होगा शुरू
वहीं कार्यकर्ताओं के कामों को प्राथमिकता पर लेने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जल्द मंत्री दरबार शुरू होगा। इससे पहले कोरोना के चलते मंत्री दरबार स्थगित कर दिया गया था। कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बाद फिर से मंत्री दरबार शुरू किया जाएगा। इसके लिए जल्दी ही प्रदेश कांग्रेस की ओर से मंत्री दरबार का शेड्यूल भी जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के समक्ष विधायकों के निशाने पर रहे थे नौकरशाह
इधर हाल ही में कांग्रेस के अधिवेशन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष की विधायकों ने नौकरशाहों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें निशाने पर लिया था और आरोप लगाए थे कि नौकरशाह कार्यकर्ताओं के काम नहीं करते हैं और कोई कार्यकर्ता उनके पास काम लेकर जाते हैं तो मंत्री को बरगला कर उनके कामों को अटका देते हैं।साथ ही विधायकों ने यह भी कहा कि सरकार नौकरशाह नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के दम पर बनती हैं ऐसे में कार्यकर्ताओं को तवज्जो मिलनी चाहिए, जिसके बाद खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी अधिवेशन में कार्यकर्ताओं को हर कीमत पर तवज्जो देने की मांग का समर्थन किया था।