
बूंदी।
बूंदी के तालेड़ा थाना क्षेत्र के नयाबरधा गांव निवासी डेयरी संचालक बंशीलाल माली के बहुचर्चित सुसाइड केस की पुलिस थाने में दबी फाइल से सात माह बाद धूल हट गई है। प्रकरण की जांच अब बूंदी के पुलिस उपअधीक्षक (एससी-एसटी सेल) को सौंपी गई है। उन्होंने इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 28 दिसम्बर को पीडि़त परिवार को नोटिस देकर बयान देने के लिए बूंदी एससी-एसटी सेल में आने को कहा गया था। इस पर मृतक बंशीलाल की पत्नी संजू, पुत्र अभिषेक और पिता राधेश्याम ने सोमवार को बूंदी पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए।
उप अधीक्षक जे.पी. यादव ने पीडि़त परिवार को भरोसा दिया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पीडि़त परिवार ने बताया कि डेयरी का करीब 45 हज़ार कमीशन बनता है, जिसका भी डेयरी प्रबंधक ने चेयरमैन श्रीलाल गुंजल के दबाव में भुगतान नहीं किया है।
फ्लैश बैक
बंशीलाल ने 19 मई 2018 को अज्ञात जहरीला पदार्थ खा लिया था। दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। इस मामले में पिता राधेश्याम सैनी ने 22 मई को तालेड़ा आकर थाने में रिपोर्ट और बंशीलाल का लिखा सुसाइड नोट सौंपा था। दोनों की जांच के बाद पुलिस ने 31 मई को कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर, लेसरदा निवासी आरपी गोपाल गुर्जर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।
'प्रकरण की फाइल मिली है। पीडि़त पक्ष को बयानों के लिए बुलाया है। तथ्य जुटा रहे हैं।'
जे.पी. यादव, पुलिस उपअधीक्षक (एससी, एसटी सेल), बूंदी
'मैं माली समाज का होने के नाते इस लड़ाई में पीडि़त परिवार के साथ खड़ा हूं। चाहे पुलिस कितने भी चक्कर कटवाए। न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे।'
राजेन्द्र सुमन, प्रदेश प्रवक्ता, हाड़ौती माली समाज
'मुझे न्याय नहीं मिल रहा। दर-दर भटक रही हूं। मेरे पति के हत्यारों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस मामले को जांच के नाम पर लटकाए हुए हैं।'
संजू बाई (बंशीलाल की पत्नी)
Published on:
01 Jan 2019 08:38 am
