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गहलोत सरकार ने मिलाया फ्रांस की एजेंसी से हाथ, जानें क्या है 1700 करोड़ के प्रोजेक्ट की ख़ास बातें

Gehlot Government Signs MOU with France Agency for Greenery Development : गहलोत सरकार ने मिलाया फ्रांस की एजेंसी से हाथ, जानें क्या है 1700 करोड़ के प्रोजेक्ट की ख़ास बातें

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gehlot government signs mou with france agency for greenery development

जयपुर।

प्रदेश के हरित क्षेत्र में वृद्धि करने के मकसद से राजस्थान की गहलोत सरकार और फ्रांस डवलपमेंट एजेन्सी के मध्य एक समझौता हुआ है। इसके तहत फ्रांस की एजेंसी के सहयोग से प्रदेश के 13 जिलों में लाखों की संख्या में पौधे लगाए जाने की योजना है। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा है कि फ्रांस डवलपमेंट एजेन्सी के सहयोग से क्रियान्वित होने वाली राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना के अंतर्गत वृहद् स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे प्रदेश के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी।

सीएम उषा शर्मा की मौजूदगी में बुधवार को शासन सचिवालय में परियोजना के समझोते पर हस्ताक्षर हुए। प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. डी.एन पाण्डेय और फ्रांस डेवलपमेंट एजेन्सी के भारत में कन्ट्री डायरेक्टर बोसले ब्रूनो के मध्य समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना से प्रदेश के वानिकी एवं जैव विविधता क्षेत्र में एक नए दौर की शु़रूआत होगी। उन्होंने फ्रान्स डवलपमेंट एजेन्सी को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार परियोजना में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी लक्ष्यों को निर्धारित समय में प्राप्त करेगी।

ये रहेंगी ख़ास बातें-

- आगामी 8 वर्ष में 13 जिलों में 1693.91 करोड़ रूपये होंगे व्यय
- 70 प्रतिशत अंश यानी 1185.28 करोड़ रूपये वहां करेगी फ्रांस डवलपमेंट एजेन्सी
- 30 प्रतिशत अंश 508.62 करोड़ रूपये वहां करेगी राज्य सरकार
- भरतपुर, कोटा, टोंक के साथ अलवर, बारां ,भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली एवं सवाई माधोपुर ज़िले चयनित
- 55 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में होगा वृक्षारोपण
- वन विभाग के अधिकृत क्षेत्रोें के अलावा बाहरी क्षेत्रों में भी 55 लाख पौधों का होगा वितरण

परियोजना निदेशक श्री मुनीश कुमार गर्ग ने बताया कि भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, बीसलपुर, टोंक व कोटा के कन्जर्वेशन रिजर्व, कोटा के भैंसरोडगढ़ सेन्च्यूरी व बूंदी की रामगढ़ विषधारी सेन्च्यूरी एवं मुकुन्दरा हिल्स टाईगर रिजर्व में जीवों के निर्बाध जीवन के अनुकूल वातावरण बनाने के लिए व्यापक विकास कार्य किए जायेंगे। वन क्षेत्रों में लगभग 610 किलो मीटर की सीमाओं को पक्की दीवार से सुरक्षित किया जायेगा।

एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के अवसर पर वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन विभाग शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव, कृषि दिनेश कुमार सहित वन एवं वित्त विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।