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सियासी संग्राम के बीच बजट की तैयारियों में जुटी गहलोत सरकार, 1 नवंबर से प्री बजट बैठकों में होगा आमजन से संवाद

-1 नवंबर से 15 नवंबर तक आमजन, सामाजिक संगठनों, युवाओं, खिलाड़ियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चलेगा बजट पर चर्चाओं का दौर, वित्त विभाग ने सभी विभागों को जारी किए आदेश, 18 अक्टूबर को भी विभाग लेगा संभाग स्तरीय नोडल विभागीय अधिकारियों की बैठक, इस बार जनवरी में पेश हो सकता है गहलोत सरकार का पांचवा और अंतिम बजट  

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ashok gehlot

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जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच अभी से ही गहलोत सरकार अपने 5 और अंतिम बजट की तैयारियों में अभी से ही जुट गई है। सीएम अशोक गहलोत की ओर से इस बार बजट जनवरी में पेश किए जाने के संकेतों के बाद वित्त विभाग भी सरकार केअंतिम बजट की तैयारियों में जुट गया है, यही वजह है कि सरकार ने प्री बजट बैठकों और बजट पूर्व संवाद के लिए तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। 1 नवंबर से 15 नवंबर तक प्री बजट बैठकों का दौर चलेगा जिसमें सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।

आमजन के सुझाव भी शामिल होंगे बजट में
वहीं सरकार की ओर से आमजन के साथ-साथ समाज सेवी, एनजीओ, सामाजिक संगठनों, खिलाड़ियों, युवाओं, छात्रों और जनप्रतिनिधियों से भी बजट पूर्व संवाद चर्चा होगी और उनके सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे। बजट पूर्व संवाद बैठकों में 100 से डेढ़ सौ प्रतिभागियों का आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इससे पूर्व 18 अक्टूबर को भी प्री बजट बैठकों की तैयारियों को लेकर सचिवालय कॉन्फ्रेंस में वित्त विभाग की ओर से एक बैठक का आयोजन किया जा रहा है जिसमें राज्य स्तरीय और संभाग स्तरीय के साथ-साथ विभागों के नोडल अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में प्री बजट बैठकों की किस प्रकार से तैयारी करनी है और किस प्रकार से संवाद करना है उसके बारे में भी बताया जाएगा।


प्री बजट बैठकों में इन बिंदुओं पर होगी चर्चा
वहीं बजट बैठकों में जिन बिंदुओं पर चर्चा होगी उनमें युवा मामले, खेलकूद, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, महिला और बाल विकास, चिकित्सा और स्वास्थ्य , चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, पुलिस प्रशासन-जेल, अल्पसंख्यक मामलात, कृषि, पशुपालन, गोपालन, कृषि विपणन, उपभोक्ता मामलाता, ग्रामीण विकास, वन, उद्योग, स्किल डेवलपमेंट, श्रम, टूरिज्म और आर्ट एंड कल्चर जैसे प्रमुख बिंदुओं पर जनता से बजट के लिए सुझाव जनता से लिए जाएंगे।

अंतिम बजट के बाद चुनावी मोड में जाएगी गहलोत सरकार
दरअसल गहलोत सरकार की ओर से जनवरी माह में ही 5 वां और अंतिम बजट पेश की जाने की पीछे वजह यह है कि सरकार जनवरी माह में अंतिम बजट पेश करने के बाद चुनावी मोड में चली जाएगी। इसके अलावा सरकार का प्रयास रहेगा कि बजट घोषणाओं का जल्द से जल्द क्रियान्वयन हो सके और विधानसभा चुनावकी आचार संहिता लगने से पहले-पहले बजट की तमाम घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा सके, जिससे कि जनता को उसका लाभ मिल सके और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को इसका फायदा मिल सके।

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