
जया गुप्ता/जयपुर। फेसबुक फ्रैंड से मिलने की चाह में एक किशोरी सिलीगुड़ी से जयपुर आ गई। फेसबुक फ्रैंड ने उसे जयपुर बुलाया था और यहां से पंजाब ले जाने वाला था। वह पांच दोस्तों के साथ यहां आ भी पहुंचा लेकिन शुक्र रहा कि एक ऑटो चालक ने मामला ताड़ लिया। उसने सूझबूझ से काम लिया और किशोरी को गलत हाथों में जाने से बचा लिया।
फेसबुक फ्रैंड पंजाब के भटिंडा निवासी निखिल कुमार से मिलने किशोरी 8 सितम्बर को बिना बताए घर से निकली थी। निखिल ने मिलने के लिए उसे जयपुर बुलाया था। निखिल ने उससे कहा कि जयपुर तक आ जाए, उसके बाद भटिंडा वह ले जाएगा। किशोरी ट्रेन से 12 सितम्बर की रात जयपुर पहुंची। रेलवे स्टेशन से बाहर निकली तो ऑटो चालक रामकेश मिला। ऑटो चालक ने किशोरी से पूछा कि कहां जाना है तो वह जवाब नहीं दे पाई। ऑटो चालक को किशोरी का व्यवहार अजीब लगा तो उसने और जानकारी ली। किशोरी ने बताया कि वह अपने दोस्त से मिलने आई है, जो कल आने वाला है।
सालभर पहले हुई थी पहचान
सेंटर पर काउंसलिंग में किशोरी ने बताया कि सालभर पहले फेसबुक पर निखिल से पहचान हुई थी। कुछ समय बाद फोन पर बात होने लगी। निखिल ने भटिंडा ले जाने के लिए उसे जयपुर बुलाया था। काउंसलिंग के बाद उसे बालिका गृह में रखा गया। सूचना मिलते ही किशोरी के माता-पिता जयपुर पहुंचे। बाल कल्याण समिति की कार्यवाही पूरी कराकर गुरुवार को ही किशोरी को वापस ले गए। किशोरी के पिता दुबई में काम करते हैं और मां सिलीगुड़ी में इंवेट मैनेजर है।
डर गया युवक, काट गया कन्नी
अगले दिन बुधवार सुबह भटिंडा से निखिल 5 दोस्तों को लेकर जयपुर पहुंचा। निखिल ने किशोरी से बात कर उसे जंक्शन बुलाया। ऑटो चालक को लड़के के इरादे ठीक नहीं लगे तो मिलने के लिए उसे महिला थाने (गांधीनगर) बुलाया। वह लड़की को लेकर गांधीनगर स्थित वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर फोर चाइल्ड पर पहुंच गया। निखिल वहां नहीं आया।
पत्नी ने बुलाया परिजनों को
ऑटो चालक रामकेश ने बताया कि रात हो चुकी थी। उसे समझ नहीं आया कि किशोरी को कहां छोड़े, वह समझा-बुझाकर उसे आगरा रोड स्थित घर ले गया। पत्नी ने लड़की से बातचीत की। लड़की बाथरुम गई तो पत्नी ने उसके पर्स से फोन निकाला और उसकी मां का नंबर लेकर सूचना दी कि वह जयपुर में है।
Updated on:
15 Sept 2017 09:07 am
Published on:
15 Sept 2017 09:06 am
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