Gita Jayanti: जयपुर। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी पर आज मोक्षदा एकादशी के साथ गीता जयंती मनाई जा रही है। मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गई। हालांकि गोविंददेवजी मंदिर में चार दिसंबर को एकादशी मनाई जाएगी।
गीता जयंती पर मंदिरों में गीता के सामूहिक पाठ हुए। गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन गोस्वामी के सान्निध्य में गीता का सामूहिक पाठ हुआ। मंदिर श्री गीता गायत्रीजी में दो दिवसीय गीता जयंती महोत्सव शुरू हुआ। पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में माता गीता और गायत्री जी का सुबह दिव्य पंचायत औषधि अनेक तीर्थ जल से अभिषेक कर नूतन पीली पोशाक धारण करवाई गई। माता गीता गायत्री को गीता के पाठ सुना कर हवन किया गया। इसके बाद महाआरती की गई। सरस निकुंज स्थित पानों का दरीबा में गीता के 700 से अधिक श्लोकों का अर्थ बताया गया।
खोह नागोरियान स्थित श्रीपरमहंस आश्रम कुंडवाले हनुमानजी में गिरिजानंद के सान्निध्य में गीता जयंती मनाई जा रही है। गीता जयंती महोत्सव के तहत हो रहे यथार्थ गीता के अखंड पाठ की सुबह पूर्णाहुति हुई। इसके बाद आरती के बाद हवन, सत्संग व प्रवचन आदि कार्यक्रम हुए। शाम 5 बजे प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम व भंडारा हुआ। इस मौके पर यथार्थ गीता का वितरण किया गया।