
जयपुर।
राजस्थान में अगले महीने सरकार अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी। इस बजट से सरकारी कर्मचारी उनकी मांगों के पूरा होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कर्मचारी अपनी मांगों के लिए सरकार का ध्यान आकर्षण करने के लिए अभी से धरने,प्रदर्शन से लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन तक कर रहे हैं।
पशु चिकित्सक आज से बैठेंगे अनशन पर
राजस्थान पशु चिकित्सक संघ के आह्वान पर 11 सूत्री मांगों को लेकर पशुधन भवन के समक्ष धरना दे रहे पशु चिकित्सक मंगलवार से अनशन शुरू करेंगे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पशु चिकित्सक 23 दिन से कड़ाके की सर्दी में धरने पर बैठे हैं। लेकिन शीर्ष अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। सिंह ने कहा कि समान कार्य, समान वेतन के आधार पर पशु चिकित्सकों को मेडिकल डॉक्टर्स की तरह ही वेतन मिले। क्योंकि बीते तीन वेतनमानों में इसके लिए सिफारिशें कर दी गई हैं। देश के 16 राज्यों में पशु चिकित्सकों को मेडिकल डॉक्टर्स के समान ही वेतन मिल रहा है। पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सकों के 65 प्रतिशत पद रिक्त हैं। पशु चिकित्सकों के साथ सरकार के सौतेले व्यवहार के कारण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
फरवरी में जलदाय तकनीकी कर्मचारी घेरेंगे जल भवन
जयपुर. राजस्थान वाटर वर्कस कर्मचारी संघ की सोमवार को ज्योति नगर जलदाय कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में संघ अध्यक्ष कुलदीप यादव को दूसरी बार सर्व सम्मति से अध्यक्ष चुना गया। यादव ने कहा कि जलदाय विभाग के शीर्ष अधिकारी चाहते ही नहीं कि तकनीकी कर्मचारियों की मांगों का समाधान हो। अधिकारी तकनीकी कर्मचारियों से उनकी मांगों के संबंध में वार्ता तक नहीं करना चाहते। अफसरों के इस रवैये के कारण ही तकनीकी कर्मचारी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं। कर्मचारी फरवरी में जल भवन का घेराव करेंगे और भर्ती,पदोन्नति समेत अन्य मांगों के समाधान के लिए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
उधर मंगलवार को पशुधन भवन के समक्ष अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे पशुधन सहायकों ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए पशुधन भवन के समक्ष अर्धनग्न प्रदर्शन किया। पशुधन सहायकों का कहना है कि सरकार ने अगर मांगे पूरी नहीं की तो पूरे प्रदेश में कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
Published on:
10 Jan 2023 11:10 pm
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