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राजस्थान में मिलावटखोरों पर सरकार की सख्त कार्रवाई, शुरुआती 3 महीने में ही मिल गए 489 दोषी

Action On Adulteration: सरकार मिलावट के मामलों में कोई ढील नहीं दे रही है। 2024-25 में राजस्थान में खाद्य मिलावट से जुड़े कुल 3,141 केस कोर्ट में भेजे गए। इनमें से सिर्फ 30 मामलों में आरोपी छूटे, बाकी सभी को सजा मिली।

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कार्रवाई की फाइल फोटो: पत्रिका

Rajasthan News: राजस्थान में खाने की चीजों में मिलावट करने वालों पर अब सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। नए आंकड़ों के मुताबिक फाइनेंसियल ईयर 2025-26 के पहले 3 महीनों (अप्रैल से जून) में कुल 499 मामलों में कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिनमें से 489 लोगों को दोषी करार दिया गया, जबकि सिर्फ 10 लोगों को बरी किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य 2,820 जगह जांच करने का ही था लेकिन विभाग ने 3,432 जगह जांच की।

2024-25 में गए थे 3,141 केस

सरकार मिलावट के मामलों में कोई ढील नहीं दे रही है। 2024-25 में राजस्थान में खाद्य मिलावट से जुड़े कुल 3,141 केस कोर्ट में भेजे गए। इनमें से सिर्फ 30 मामलों में आरोपी छूटे, बाकी सभी को सजा मिली।

ये बोले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी

अधिकारी ने कहा कि 'हम लगातार होटल, रेस्टोरेंट, दुकानों और फैक्ट्रियों की जांच कर रहे हैं। अगर किसी खाद्य पदार्थ का सैंपल फेल होता है तो हम तुरंत केस कोर्ट में पेश करते हैं।'

FSSAI ने की तारीफ

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने राज्य सरकार की सैंपलिंग और जागरूकता अभियानों की तारीफ की है। संस्था का कहना है कि इससे जनता में जागरूकता बढ़ी है और मिलावट के मामलों में कमी भी आई है। हालांकि चिंता की बात यह है कि कई मामले अब तक भी कोर्ट में नहीं पहुंचे। दरअसल अप्रैल से जून 2025 के बीच सिर्फ 998 केस दायर हुए हैं लेकिन अभी 1,583 केस बाकी हैं।

ये हैं आंकड़े

अप्रैल 2024 से मार्च 2025

  • राज्यभर से 18,213 खाद्य सैंपल लिए
  • 863 सैंपल असुरक्षित,
  • 3,734 घटिया गुणवत्ता वाले
  • 131 गलत लेबल वाले (मिसब्रांडेड) पाए गए।