
Police failure
जयपुर. Mining department Rajasthan खान विभाग ने करीब दो से तीन साल पहले भी (ACB Trap Rajasthan) भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाए थे और अब फिर से खान विभाग का ही एक इंजीनियर भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। खुलासा हुआ उसकी गिरफ्तारी के बाद...। करीब तीस घंटे से कई (Rajasthan Government employee) सरकारी कार्मिक उसकी कमाई गिन रहे हैं लेकिन पैसा है कि खत्म ही नहीं हो रहा। आज और कल भी उसकी कमाई की गणना की जानी है। इस बीच आज उसे एसीबी कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड ली जाएगी। उसके बाद एसीबी अफसरों को उम्मीद है काली कमाई का पूरा पिटारा खुलने की...। अभी तक इस एसई देवड़ा के खिलाफ तीन मामले दर्ज हो चुके हैं। एसीबी उसे शुक्रवार रात जयपुर ले आई थी।
अब तक सौ (Hundred Caror) करोड़ की सम्पत्ति उजागर
एसीबी ने खान विभाग उदयपुर में कार्यरत एसई दीवान देवड़ा काे डेढ़ लाख रु. लेने के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद उदयपुर, जयपुर, सिराेही, सहित 7 ठिकानों पर छापे मारे गए। ये ठिकाने उसके और उसके नजदीकी लोगों के हैं। तलाशी में देवड़ा 110 करोड़ की संपत्ति का मालिक निकला। देवड़ा ने प्रदेश में 35 करोड़ जबकि बेंगलुरु में करीब 85 करोड़ रु. की संपत्ति जुटा रखी है। परिजनों व खुद के नाम से 1.81 कराेड़ की एफडी दस्तावेज व 30 बैंक खातों का भी पता चला है। एसीबी ने आरोपी देवड़ा के अलावा पिता किशोर देवड़ा, व्यवसायिक पार्टनर करण सिंह व अवधेश सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला किया है। एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि देवड़ा ने 5 माह पहले स्टाेन माइंस पर खड़े ट्रकाें काे सीज कर पीड़ित से साढ़े सात लाख रु. मांगे। डेढ़ लाख रु. लेने के बाद 3 लाख रु. और मांगे। माइंस के सुचारू संचालन के लिए ढाई लाख मंथली भी मांग रहा था। तब जाकर मामला खुला।
क्रेशर, होटल और रिसोर्ट की कमाई खोलेगी और राज
एसीबी अफसरों ने बताया कि अब तक वो कमाई सामने आई है जिसके दस्तावेज उसके या उसके परिचितों के पास मिले हैं। जबकि अभी असली गणना बाकि है। अभी देवड़ा और उसके पार्टनर की होटल, रिसोर्ट और क्रेशर की कमाई उजागर होनी है। यह कमाई अभी गिनती नहीं की गई है। इसके लिए कुछ और लोगों से पूछताछ की जानी है। रिकार्ड और दस्तावेज चैक किए जाने हैं। उसकी अलग—अलग शहरों में जमीन और मकान हैं। देवड़ा पर हाथ मारने के लिए एसीबी की टीम करीब चालीस दिन से प्रयास कर रही थी। चालीस दिन से उपयुक्त मौके की तलाश में थी कि ज्यादा से ज्यादा जानकारी उसके पास से ही मिल जाए। जब गुरुवार दोपहर एसीबी अफसर आश्वस्त हो गए तो शुक्रवार सवेरे—सेवेरे ही देवड़ा को उठा लिया गया।
Published on:
02 Nov 2019 11:57 am
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