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लाइम स्टोन भरेगा सरकार का खजाना, 50 वर्ष में मिलेगा 33 हजार 500 करोड़

मरुधरा की भूमि में मिले लाइम स्टोन (Lime stone) के विपुल भंडार (Mass storage) से खान विभाग (Mines department) अगले 50 वर्षों तक मालामाल हो जाएगा। इससे उसे करीब 33 हजार 500 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड राजस्व आय (revenue income) होने की उम्मीद है।

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जयपुर

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vinod saini

Nov 28, 2019

लाइम स्टोन भरेगा सरकार का खजाना, 50 वर्ष में मिलेगा 33 हजार 500 करोड़

लाइम स्टोन भरेगा सरकार का खजाना, 50 वर्ष में मिलेगा 33 हजार 500 करोड़

-झुंझुनूं, जैसलमेर व नागौर में 9 ब्लॉकों की और होगी नीलामी
-आगामी वर्षों में स्वर्ण, कॉपर, सीसा-जस्ता के ब्लॉकों की होगी नीलामी
उदयपुर। मरुधरा की भूमि में मिले लाइम स्टोन (Lime stone) के विपुल भंडार (Mass storage) से खान विभाग (Mines department) अगले 50 वर्षों तक मालामाल हो जाएगा। इससे उसे करीब 33 हजार 500 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड राजस्व आय (revenue income) होने की उम्मीद है। राज्य के नागौर, जैसलमेर, झुंझुनूं व चित्तौडग़ढ़ में अन्वेषण के दौरान लाइम स्टोन के अथाह भंडार मिले हैं। इससे प्रदेश में इन क्षेत्रों में और नए सीमेंट प्लांट खुलने की संभावना बढ़ गई है। साथ ही रोजगार के अवसर सृजित होंगे। विभाग ने 2015 की नई खनन नीति के तहत प्रधान खनिजों के ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया पूरी की है, इसमें 7 में से अकेले नागौर में 2 ब्लॉकों की पिछले महीने हुई नीलामी से ही विभाग को 2900 करोड़ रुपए की आय हुई है, जो 50 वर्षों तक विभाग के खजाने को भरेगा। इसके अतिरिक्त इसी वित्तीय वर्ष में जैसलमेर व मोहनगढ़ में तीन, नागौर में चार और झुंझुनूं में दो और ब्लॉकों की नीलामी होने वाली है। इससे करोड़ों की आय से विभाग का खजाना भर जाएगा। यहां बड़ी तादाद में भण्डार मिले हंै। खान एवं भू विज्ञान विभाग के सूत्रों के मुताबिक राज्य में भू गर्भीय प्रधान और अप्रधान खनिजों की खोज का काम जारी है। रेगिस्तान के धोरों में क्रूड आयल के अलावा विभिन्न प्रधान खनिजों के भण्डार है। आगामी वर्षों में विभाग स्वर्ण, कॉपर, सीसा-जस्ता के ब्लॉकों की भी नीलामी करने वाला है, जिससे करोड़ों की राजस्व आय अर्जित होगी।
बड़ी तादाद में लाइम स्टोन के भण्डार मिलने से प्रदेश में सीमेंट उद्योग को और पंख लगेंगे और नए प्लांट लगने की संभावनाएं बढ़ गई है। राज्य में वर्तमान में करीब 25 सीमेंट प्लांट चित्तौडग़ढ़, ब्यावर, पिंड़वाड़ा, निम्बाहेड़ा, उदयपुर, नागौर, पाली समेत कई स्थानों पर पहले से ही संचालित है। नागौर जिले की जायल तहसील के डेह में 247.87 व 267.688 हेक्टेयर, हरिमा पीथासर में 357.09 हेक्टेयर व 484 हेक्टेयर, सरसनी में 470 हेक्टेयर, खींवसर में 16.28 हेक्टेयर एवं चित्तौडग़ढ़ के निम्बाहेड़ा में474.50 हेक्टेयर में लाइम स्टोन के ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है।

इनका कहना है
प्रदेश में खनिजों का भण्डार भरा पड़ा है। लाइम स्टोन के 7 में से 6 ब्लॉकों की नीलामी से विभाग को अगले 50 वर्षों में 33 हजार 500 करोड़ रुपए की राजस्व आय होगी। पिछले माह नागौर में दो ब्लॉकों की नीलामी से विभाग को 2900 करोड़ की राजस्व आय हुई है।

एन.के.कोठारी, अति. निदेशक, खान विभाग