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जयपुर। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि कांग्रेस शासन में राज्यपाल ने स्वयं योजनाओं की मॉनिटरिंग का प्रकोष्ठ बनाया था। 2013 में राज्यपाल माग्र्रेट अल्वा ने कांग्रेस सरकार के लिए कहा था कि राज्य काम करने को लेकर विफल हो चुकी है। चुनाव को लेकर वह बह रही है और आनन-फानन मेें कई प्रकार की योजनाओं की घोषणा कर रही है। यह बात सैनी ने मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को बताई। सैनी ने कहा कि राज्यपाल ने प्रदेश में आदिवासियों के कल्याण की योजनाओं की क्रियान्विति में ढिलाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने खुद ने इन योजनाओं की मॉनिटरिंग करने का निर्णय किया था। इसके लिए राजभवन में अलग से प्रकोष्ठ बनाया गया था। राज्यपाल ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार को एक कार्ययोजना बनाकर भेजी थी और सरकार से कहा था कि आदिवासी क्षेत्रों के लिए बजट में घोषित 200 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज में नवोदय विद्यालय, आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन, डॉक्टरों के लिए विशेष आवास, शैक्षणिक संस्थानों में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था, रिक्तपदों की भर्ती एवं प्रशिक्षण कार्यों को भी जोड़ा जाए। राजस्थान में किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लिए इन्टीग्रेटेड़ फार्मिंग का कन्सेप्ट लाया गया है। जिसमें ग्रीन क्रान्ति, नीली क्रान्ति को आगे बढ़ाया जा रहा है। मौसम की विपरीत परिस्थितियों में फसलों एवं सब्जियों को उगाया जा रहा है। युवाओं को मसाले के उत्पादन के लिए 15 लाख रुपए तक के ऋण की व्यवस्था सरकार करवा रही है। खरीफ की फसल बुवाई का लक्ष्य 159 लाख हैक्टेयर रखा है। फसल बुवाई के लिए साढ़े सात लाख क्विंटल बीज की व्यवस्था की जा रही है। जिसके लिए 7.75 लाख टन यूरिया, 2.85 हजार टन डीएपी, 1.50 लाख मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट की व्यवस्था की जा रही है।
कांग्रेस के राज में बढ़ी थी कालाबाजारी
प्रभुलाल सैनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पर राशन के गहूं में कालाबाजारी के बढऩे से आटा वितरण का काम प्रभावित हुआ, जिससे गरीबों को त्यौहार के समय भी आटा नहीं मिल सका। किसान खरीद केन्द्र पर किसान भटकते रहते थे। कांग्रेस ने तो गरीब के पीपे से चून तक गायब करने का काम किया था।
इससे लगेगी लगाम
सैनी ने राहुल गांधी के बयान पर कोर्ट की ओर से मामले को लेकर प्रसंगज्ञान लेने को लेकर कहा कि राजनीति मेंं बड़बोलेपन, छोटापन, किसी को नीचा दिखाना, ऊंचा दिखाना। कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के वक्तव्य देता है तो और उस पर कोर्ट प्रसंगज्ञान लेता है तो इससे और लोगों पर भी लगाम लेगेगी।
Published on:
12 Jun 2018 08:52 pm
