
petrol pump
Rajasthan Government strict on illegal biodiesel जयपुर। प्रदेश में डीजल के नाम पर नकली या अवैध बायोडीजल बेचने वालों पर राज्य सरकार सख्त होगी। इस पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में डीजल के नाम पर बिक्री होने वाले नकली या अवैध बायोडीजल पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नकली व अवैध बायोडीजल से मानव स्वास्थ्य को खतरा होने के साथ-साथ राज्य सरकार को राजस्व की हानि होती है। साथ ही अवैध व्यापार से जुड़े अपराधों में भी वृद्धि होती है। इसलिए बायोडीजल के नाम पर बेचे जा रहे नकली डीजल बेचने वालों पर कार्रवाई की जाए। आर्य ने निर्देश दिए कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभागों के समन्वय से अवैध और नकली बायोडीजल की समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
डीजल की अवैध तस्करी और खरीद—
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि प्रदेश में 11 बायोडीजल निर्माता और 57 बायोडीजल रिटेल आउटलेट पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि अनाधिकृत पंपों पर बायोडीजल के नाम पर बेस ऑयल, एम.टी.ओ. या पेराफिन की बिक्री की जाती है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों से प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में डीजल की अवैध तस्करी और खरीद की जाती है। इस पर चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर एवं जैसलमेर में अवैध पंपों को तत्काल बंद करवाने के लिए पत्र जारी किए गए। साथ ही अजमेर, पाली, जोधपुर और जयपुर जिलों में अवैध और नकली डीजल बेचने वाले अवैध पंपों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है।
Published on:
25 Sept 2021 10:48 am
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