
आधार कार्ड बनाने में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने उठाया यह कदम
-प्रदेशभर में अब सरकारी परिसर में ही बनेंगे आधार कार्ड
- राज्य सरकार ने मांगी निजी परिसर में आधार बनाने वाले ऑपरेटरों की रिपोर्ट
जयपुर/नागौर। आधार कार्ड (Aadhar Card) बनाने में फर्जीवाड़ा (Fake) रोकने के लिए राज्य सरकार (State government) ने उन ऑपरेटर्स (Operators) की रिपोर्ट मांगी है, जो निजी परिसर (Private premises) में बैठकर काम कर रहे हैं। गत दिनों सरकार को जानकारी मिली कि निजी परिसर में बैठकर आधार कार्ड बनाने का सेंटर संचालित करने वाले ऑपरेटर्स रात में काम कर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसके बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Information and Technology Department) ने सभी जिलों से आधार कार्ड बनाने वाले ऑपरेटर्स की जानकारी मांगी, जिसमें यह जानकारी चाही गई कि आधार कार्ड बनाने वाले ऑपरेटर्स सरकारी परिसर में हैं या निजी में। नागौर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग कार्यालय की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में 89 ऑपरेटर्स को आधार कार्ड बनाने का लाइसेंस जारी कर रखा है, जिसमें 34 ऑपरेटर उन हैं, जो निजी परिसर या नागौर से आईडी लेकर बाहर काम कर रहे हैं।
जिले में वर्तमान में सभी का काम बंद
जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में आधार कार्ड बनाने का काम बंद है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने फर्जीवाड़ा रोकने एवं काम व्यवस्थित करने के लिए एक बार के लिए सभी लाइसेंसधारियों के अधिकार छीन लिए हैं। इसके चलते जिले में आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग चक्कर लगा रहे हैं। गत दिनों आधार ऑपरेटर्स ने जिला कलेक्टर को काम शुरू करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया था।
रिपोर्ट भेजी है
जिले के आधार ऑपरेटर्स की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भिजवाई है। आधार कार्ड बनाने को लेकर आ रही परेशानी के चलते उच्चाधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सरकारी परिसर में काम करने वाले ऑपरेटर्स को जल्द ही वापस अनुमति दी जाएगी।
- गणेशाराम, उप निदेशक, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नागौर
Published on:
22 Aug 2019 06:15 am
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