6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाठ्यक्रम को लेकर घेराबंदी: शिक्षा मंत्री डोटासरा बोले- मुगलकाल में युद्ध धार्मिक नहीं, सत्ता संघर्ष थे

शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने मुगलकाल में हुए युद्धों को हिन्दू-मुस्लिम के धार्मिक युद्ध बताने की कोशिश की। जबकि यह वास्तव में सत्ता संघर्ष थे।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasra ) ने कहा कि भाजपा ने मुगलकाल में हुए युद्धों को हिन्दू-मुस्लिम के धार्मिक युद्ध बताने की कोशिश की। जबकि यह वास्तव में सत्ता संघर्ष थे। यह भी सबको पता है कि हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप का कौन सेनापति था। वहीं उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विद्याभारती की विचारधारा किताबों में थोपकर बच्चों के जेहन खराब करने की कोशिश की गई।

डोटासरा ने यह बातें शुक्रवार रात विधानसभा में शिक्षा अनुदान की मांगों पर चर्चा के जवाब में कहीं। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा पर आरएसएस की विचारधारा को बच्चों पर थोपकर महापुरूषों का इतिहास मिटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में कक्षा 11 की राजनीति विज्ञान की किताब में साथियों के फांसी होने पर चंद्रशेखर आजाद के साहस टूटने की बात पढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम पर पिछले छह महीने में 44 स्कूलों को किया गया। डोटासरा ने कहा कि भावी पीढ़ी की जरूरत को हम समझ नहीं पाए, जिसकी वजह से सरकारी स्कूल पिछड़ गए और निजी स्कूल आगे निकल गए। उन्होंने निजी स्कूलों को बड़ी-बड़ी दुकानें करार दिया।

आरटीई आयसीमा ढाई लाख
डोटासरा ने कई अहम घोषणाएं भी की। इसके तहत 398 सरकारी स्कूलों में कृषि संकाय खोले जाएंगे। शिक्षक दिवस पर अब 1101 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। जबकि सरकारी स्कूलों में वार्षिकोत्सव के लिए बजट दिया जाएगा। वहीं आरटीई के लिए आयसीमा ढाई लाख रुपए प्रति वर्ष की जाएगी। शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए पर्ची लेकर भटकना नहीं पड़ेगा। इस तरह से होने वाली बदनामी को बंद कर ट्रांसफर के लिए ऑन लाइन आवेदन लिए जाएंगे।