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गोविंददेवजी के दरबार में बरसाने की ग्वालिनों ने ग्वालों पर जमकर बरसाए लट्ठ

Govinddevji Phagotsav : जयपुर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में फाग का उल्लास चरम पर है। होलिकोत्सव के तहत आज मंदिर में बरसाने की लट्ठमार होली साकार हुई।

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जयपुर। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में फाग का उल्लास चरम पर है। होलिकोत्सव के तहत आज मंदिर में बरसाने की लट्ठमार होली साकार हुई। करीब 60 कलाकारों ने राधा—कृष्ण के स्वरूप के साथ होली खेल बरसाने की होली को साकार किया। आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में गुरूवार को चार दिवसीय होलिकोत्सव का समापन हुआ। वहीं मंदिर में शुक्रवार से पुष्प फागोत्सव की शुरुआत होगी। भजन गायक बाल व्यास श्रीकांत शर्मा भजनों की अमृत वर्षा करेंगे, वहीं कलाकार पुष्प होली से गोविंददेवजी के दरबार में फूलों की होली को साकार करेंगे।

होलिकोत्सव का चौथा दिन रूप सिंह के भवाई नृत्य और अविनाश शर्मा की लट्ठमार होली के नाम रहा। बरसाने की ग्वालिनों ने ग्वालों पर जमकर लट्ठ बरसाए। भजनों की स्वर लहरियों पर बरसाने की लट्ठमार होली के नजारे को लोगों ने मोबाइल में कैद किया। कार्यक्रम संयोजक गौरव धामाणी ने बताया कि होलिकोत्सव के तहत आज मंदिर में बरसाने की लट्ठमार होली साकार की गई। अविनाश शर्मा व रामकृपाल सारस्वत के निर्देशन में करीब 60 कलाकारों ने लट्ठमार होली को साकार किया। इनमें भरतपुर के कलाकारों की विशेष प्रस्तुति हुई। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ पं. जगदीश शर्मा ने ‘बेगा मोरे आवना जी गणराज… और तूं सुमिरन कर राधे राधे भजन से किया। कुजबिहारी जाजू ने ‘म्हारा गोविंद रसिया छैला म्हें तो थां सूं होली खेलां… गाया। महिला श्रद्धालुओं ने भजन पर जमकर नृत्य किया। युवा नृत्यांगना आद्या कालिया ने गोविन्द के दरबार में पहली बार ‘बाण नजरों से ऐसो चलाय गयो री… ठुमरी पर शानदार कथक नृत्य किया। वरिष्ठ लोक गायक माणकलाल जयपुरी ने ‘होली आई रे रंगीली होली आई रे… गीत की प्रस्तुति देकर माहौल को फाल्गुनी कर दिया। मंच संचालक संजय रायजादा ने अपनी चिरपरिचित रचना श्याम रंग में रंगी चुनरिया…गाकर तालियां बटोरी।