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सचिवालय डीपीसी विवाद- कमेटी की बैठक से पहले 5 कर्मचारी निलंबित,,,देर रात सभी बहाल,,आखिर क्यों हो रहा है यह विवाद जाने पूरी वजह

डीपीसी विवाद को लेकर आए दिन अखाड़ा बन रहा है सचिवालयडीपीसी विवाद को लेकर कमेटी ने रखी अपनी रिपोर्ट पैंडिंग

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जयपुर.
सचिवालय सेवा में लिपिक से सहायक अनुभाग अधिकारी के पदों पर हुई डीपीसी का विरोध और रिव्यू डीपीसी की मांग को लेकर एसटी-एससी वर्ग के कर्मचारियों की ओर से सचिवालय में गांधी प्रतिमा के समक्ष किया जा रहा आंदोलन तूल पकड गया है। इस विवाद के समाधान के लिए मुख्य सचिव उषा शर्मा के निर्देशों के बाद आइएएस अभय कुमार, आनंद कुमार, कुंजी लाल मीणा और भास्कर ए. सावंत को शामिल करते हुए कमेटी का गठन कर दिया गया। गुरुवार को कमेटी की बैठक से पहले आंदोलनरत सहायक अनुभाग अधिकारी कजोड़मल मीणा, अनिल कुमार मीणा, विक्रम मीणा और गोपाल मीणा को कार्मिक विभाग ने निलंबित कर दिया।
इसके बाद चार घंटे तक कमेटी और धरने पर बैठे कर्मचारियों के बीच बैठक चली और निलंबित कर्मचारियों की बहाली के बाद धरना समाप्ति पर सहमति बनी। देर रात तक पांचों निलंबित कर्मचारियों की बहाली के आदेशों के लिए ये कर्मचारी गांधी प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठे रहे। हांलाकि बैठक में आइएएस भास्कर ए. सावंत के नहीं होने के कारण कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पैंडिंग रखी है।
पिछले महीने भी एसटी वर्ग के कर्मचारियों ने डीपीसी विवाद को लेकर आंदोलन किया था। लेकिन पूर्व मुख्य सचिव के आश्वासन के बाद इन कर्मचारियों ने आंदोलन को स्थगित कर दिया। अब जल्द ही फिर से आइएएस की चार सदस्यीय कमेटी की बैठक होगी। जिसमें इस पूरे मामले को फिर से देखा जाएगा और इस विवाद को समाप्त करने की कोशिश होगी।

हांलाकि सचिवालय में कार्यालय समय के बाद कर्मचारियों के रूकने को राज्य सरकार ने गंभीर माना और पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। बाद में कर्मचारियों के साथ चली लंबी बैठक के बाद इनको बहाल कर दिया गया।