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प्रेरकों को मिला बारह में से तीन माह का मानेदय

बताया ऊंट के मुंह में जीरा

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Mantosh Kumar Singh

May 05, 2016

chhindwara

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छिंदवाड़ा. साक्षर भारत योजना के अंतर्गत पंचायत स्तर पर संचालित प्रौढ़ शिक्षा केंद्र में कार्यरत प्रेरकों को शासन ने वर्ष 2015 के मई, जून तथा जुलाई का भुगतना किया है। जबकि प्रेरकों को मई 2015 से लेकर अब तक का भुगतान किया जाना है। समय पर भुगतान न होने से कई प्रेरकों ने प्रौढ़ केंद्रों पर पढ़ाने में रुचि लेना बंद कर दिया है। इससे अधिकांश गांवों में प्रौढ़ शिक्षा केंद्र महीनों से बंद पड़े हैं। वहीं राज्य शिक्षा केंद्र विभाग अलग ही दावा करता है।
जिला प्रौढ़ शिक्षा केंद्र कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले में 679 प्रौढ़ शिक्षा केंद्र संचालित हैं। इनमें 1107 प्रेरक सक्रिय रूप से कार्यरत हंै। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक प्रेरक को 2000 रुपए प्रति माह मानदेय के रूप में दिया जाता है। बताया जाता है कि कई गांव या पंचायत नगरीय प्रशासन में शामिल होने से वहां के प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों को बंद कर दिया गया था।

पूर्व प्रेरकों को भी मिलेगी राशि
जानकारी के अनुसार इस दौरान कई ग्राम पंचायतें नगरीय प्रशासन में शामिल हो गई हंै। जिसके कारण उस गांव के प्रौढ़ शिक्षा केंद्र को बंद कर दिया गया था, लेकिन बंद होने से पूर्व जिन प्रेरकों ने काम किया है, उन्हें भी कार्य दिवस का भुगतान किया जाएगा। शासन द्वारा उनकी भी गणना जारी राशि में की गई है।

इनका कहना है
शासन द्वारा प्रेरकों के मानदेय के भुगतान के लिए फिलहाल वर्ष 2015 के मई, जून व जुलाई माह राशि स्वीकृत की है। शेष माह के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
पीआर त्रिपाठी, जिला प्रौढ़ शिक्षा केंद्र प्रभारी तथा बीआरसी छिंदवाड़ा

कहां कितनी राशि हुई जारी
विखं. कुल केंद प्रेरक संख्या स्वीकृत राशि
1. अमरवाड़ा 69 134804000
2. बिछुआ 50 101606000
3. चौरई 89 178 1038000
4 . छिंदवाड़ा 58 116 798000
5 . हर्रई 67 114684000
6. जुन्नारदेव 51 92552000
7. मोहखेड 64 120 720000
8. पांढुर्ना 60 100600000
9. परासिया 69 112 672000
10. सौंसर 59 103 618000
11. तामिया 43 80 480000

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