
अभी भी भूमिहीन आठ हजार परिवार, पहले भूमि, फिर आवास देगी सरकार
जयपुर. ग्रामीण आबादी को पक्के आवास के लिए आर्थिक सहायता के प्रावधान वाली प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में उन अत्यन्त गरीब लाभार्थियों को भी आशियाना मिलेगा, जिनके पास घर बनाने के लिए भूमि भी नहीं है।
सरकार इन गरीबों को पहले भूमि आवंटन करेगी, उसके बाद उन्हें आवास बनाने के लिए सहायता राशि दी जाएगी। राजस्थान में योजना को चलते करीब छह साल बीतने के बाद अब भी 22 जिलों के 8 हजार से अधिक ऐसे लाभार्थी सामने आए हैं, जिनके पास पक्का आवास ही नहीं, बल्कि घर बनाने के लिए अपनी जमीन भी नहीं है। राज्य सरकार ने इन परिवारों को चिह्नित किया है। फिलहाल ये परिवार वन भूमि, सिवायचक, चरागाह या अन्य सरकारी जमीन पर निवासरत हैं। विभाग के मंत्री रमेश मीना ने हाल ही अधिकारियों को इस आशय के निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों को जिला कलक्टरों से समन्वय कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरु की जाए। बीते दिनों हुई विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में मीना ने यह निर्देश दिए।
कहां कितने परिवारों के पास जमीन भी नहीं
श्रीगंगानगर 3500, उदयपुर 1208, हनुमानगढ़ 969, जालोर 723, जोधपुर 647, नागौर 506, जयपुर 345, बाड़मेर 306, पाली 266, सीकर 238, भरतपुर 196, चित्तौड़गढ़ 138, बीकानेर 124, टोंक 79, अजमेर 58, बारां 37, झुंझुनूं 27, अलवर 16, कोटा 10, दौसा 4, भीलवाड़ा 2.
2 लाख का जून तक गृह प्रवेश
विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2021-22 के 3.96 लाख के आवास लक्ष्य में पूरा वित्तीय वर्ष बीतने के बाद भी 7 हजार ही मकान पूरे हुए हैं, जबकि बीते छह साल के भी 73 हजार आवास अधूरे हैं। अब विभाग ने इसी साल जून तक 2 लाख परिवारों के आवास पूरे कर उनके गृह प्रवेश कराने का लक्ष्य हाथ में लिया है।
Published on:
14 Apr 2022 05:50 pm
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