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‘ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार’ 5-7 मई तक जयपुर में सजेगा, पेश किए जाएंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम; देश-विदेश के मेहमान करेंगे शिरकत

राजस्थान का पर्यटन विभाग राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 5-7 मई तक जयपुर में 13 वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार (GITB) की मेजबानी करेगा।

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Great Indian Travel Bazaar to be held in Jaipur from 5-7 May

जयपुर। राजस्थान का पर्यटन विभाग राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 5-7 मई तक जयपुर में 13 वें ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार (GITB) की मेजबानी करेगा। केंद्र के पर्यटन मंत्रालय और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (Ficci) के साथ संयुक्त रूप से राजस्थान टूरिज्म विभाग कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।

राज्य पर्यटन विभाग इस कार्यक्रम के जरिेए राज्य राजस्थान की कला, पर्यटन और इतिहास पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन करेगा। इस आयोजन के दौरान देश-विदेश के आए सैंकड़ों मेहमानों को राजस्थानी व्यंजन पेश किए जाएंगे।

GITB की थीम : वेड इन इंडिया

राजस्थान की पर्यटन निदेशक रश्मि शर्मा ने एक बैठक के दौरान GITB के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि आयोजन के पहले दिन 'वेड इन इंडिया एक्सपो' होगा।

"एक्सपो का उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों को राजस्थान में शादी करने के लिए प्रोत्साहित करना है। आयोजन के दूसरे और तीसरे दिन विदेशी टूर ऑपरेटरों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्हें 8 मई से पूरे राजस्थान में भ्रमण की पेशकश भी की जाएगी।"

राजस्थान को 'डेस्टिनेशन वेडिंग' स्पॉट बनाने की तैयारी

हाल ही में राजस्थान में पर्यटन उद्योग ने डेस्टिनेशन वेडिंग मार्केट के विस्तार के लिए प्रयास तेज करने का फैसला किया था।
ऑल वेडिंग इंडस्ट्रीज फेडरेशन, राजस्थान के महासचिव भवानी शंकर माली ने कहा कि राजस्थान में हर साल 15 से 20 लाख शादियां होती हैं।

“इनमें से 25 प्रतिशत कम बजट वाली शादियां होती हैं। जहां 50 फीसदी शादियां मध्यम बजट (10 लाख रुपये तक) की होती हैं, वहीं 20 फीसदी शादियां ज्यादा बजट (50 लाख रुपये तक) की होती हैं। 5-7 फीसदी शादियों में खर्च 50 लाख से 3 करोड़ रुपए के आसपास होता है। कुछ मामलों में तो यह 5 से 10 करोड़ रुपये तक भी पहुंच जाता है।”

ऐसे में अगर पर्यटन उद्योग और राज्य सरकार मिलकर प्रयास करें तो राजस्थान को डेस्टिनेशन वेडिंग स्पॉट के रूप में प्रमोट किया जा सकता है। इससे डेस्टिनेशन वेडिंग में 5-10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। अगर (राज्य में) डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ती है, तो लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार को भी राजस्व मिलेगा और होटल और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छा व्यवसाय मिलेगा।

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