
ग्रेटर नगर निगम : 334 करोड़ खर्च होंगे वेतन-भत्तों में, 504 करोड़ से होगा विकास
ग्रेटर नगर निगम ने 1189.42 करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। उस पर गौर करें तो 334.50 करोड़ रुपए तो वेतन भत्तों पर ही खर्च होंगे। यानी बजट का 28 फीसदी हिस्सा तो अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन व भत्तों में ही चला जाएगा। वहीं, विकास कार्य का जो खाका तैयार किया है, उस पर गौर करें तो 504 करोड़ रुपए ग्रेटर के 150 वार्डों में खर्च होने का अनुमान है। यानी हर वार्ड के खाते में औसतन 3.36 करोड़ रुपए की राशि आएगी। इनमें से सड़क व अन्य निर्माण और नाली के रख रखाव पर 105 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में इस बार 78 करोड़ रुपए ज्यादा है। पिछले वित्तीय वर्ष में 426 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे।
वेतन-भत्तों का गणित
| राशि | शाखा |
| 250 करोड़ रुपए | जन स्वास्थ्य |
| 42 करोड़ रुपए | सामान्य प्रशासन |
| 22 करोड़ रुपए | सार्वजनिक मरम्मत |
| 8.5 करोड़ रुपए | फायर |
| 07 करोड़ रुपए | विद्युत |
| 05 करोड़ रुपए | उद्यान |
यहां दिखाई बेरुखी
-खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बजट में मात्र सात लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
ये भी जानें
-28 करोड़ रुपए गोशालाओं में चारा आदि मद में खर्च होगा।
-15 करोड़ रुपए निगम विद्युत बिलों के भुगतान में खर्च करेगा।
-7.41 करोड़ रुपए से निगम नए संसाधन (ट्रक, ट्रैक्टर, सफाई उपकरण, फर्नीचर आदि) खरीदेगा।
यहां से आएगा सर्वाधिक पैसा
मद राशि (करोड़ में)
| चुंगीकर | 350 करोड़ रुपए |
| नगरीय विकास कर | 110 करोड़ रुपए |
| साइन विज्ञापन बोर्ड | 55 करोड़ रुपए |
| विवाह स्थल पंजीयन और मोबाइल टावर | 14 करोड़ रुपए |
झूठे आंकड़े भी किए पेश
-बजट में भूमि विक्रय से 175 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति बताई गई है। हैरानी की बात यह है कि निगम के पास कहीं ऐसी जमीन नहीं है जिसको बेचकर राजस्व प्राप्त हो सके। पिछले वित्तीय वर्ष में भी झूठे आंकड़े पेश किए थे। क्योंकि भूमि विक्रय से 125 करोड़ रुपए बताए गए थे, जबकि निगम कोष में 1.81 करोड़ रुपए ही आए।
तीन वर्ष से बोर्ड, बजट बैठक एक ही
हैरिटेज नगर निगम में तीन वर्ष से बोर्ड है, लेकिन अब तक एक बार ही बजट के लिए बैठक बुलाई गई है। पिछले दो बजट तो राज्य सरकार स्वीकृत कर रही है। खास बात यह है कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा पार्षद साधारण सभा की मांग करते थे। अब भाजपा की सरकार है तो कांग्रेस के पार्षद बजट सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा सत्र शुरू होने की वजह से निगम की साधारण सभा बुलाया जाना संभव नहीं है। जैसे ही समय मिलेगा, हम साधारण सभा की बैठक बुलाएंगे।
-मुनेश गुर्जर, महापौर, हैरिटेज निगम
Published on:
20 Jan 2024 05:00 pm
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