प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के बच्चे अब पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करेंगे। इन स्कूलों के बच्चे अपने स्तर पर ही स्कूल व आसपास में पौधे लगाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे। वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन व वन क्षेत्रों की कम से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इस संतुलन को बनाए रखने के लिए विद्यालय स्तर पर ही विद्यालय वाटिका व हरित विद्यालय योजना शुरू की जाएगी। इस योजना को प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने हरित पाठशाला कार्यक्रम के तहत इसके लिए योजना तैयार कर ली है। जल्द ही इस योजना को स्कूल स्तर पर लागू किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उददेश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण की समझ पैदा करना, उन्हें पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाना, पर्यावरण संरक्षण द्वारा वातावरण को स्वच्छ बनाना, जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण कार्य से जोड़ना, पौधारोपण कर उनका संरक्षण करना, विद्यालय की सहशैक्षिक गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण की अवधारणा को अनिवार्य करना है। वहीं बच्चों को विद्यालय परिसर, खेल मैदान व विद्यालय के 200 मीटर की परिधि के क्षेत्र में पौधारोपण करना होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्यालय वाटिका क्लब या हरित विद्यालय क्लब जैसे समूहों का गठन करना होगा। कम से कम दो विद्यार्थियों और उनके शिक्षकों को पौधों की देखभाल के लिए पौधे गोद लेने होंगे। विद्यालय की विद्यालय प्रबंधन कमेटी, अभिभावक समिति व जन समुदाय को भी इस कार्यक्रम से जोड़ना होगा। पेड़ पौधों की खरीद जनसहयोग, अक्षय पेटिका व विकास कोष से की जा सकेगी। हरेक स्कूल में 3 फीट बड़े पेड़ लगाने होंगे। इस योजना के लिए पूरे सत्र का पर्यावरण संरक्षण के लिए कलैण्डर जारी किया गया है।