
ग्रेटर निगम पहली बार तीन पार्कों को गोद देगा। ऐसे में स्थानीय विकास समिति अपने हिसाब से न सिर्फ पौधे लगा सकेंगी, बल्कि इनका रखरखाव भी कर सकेंगी। साथ ही पास की ग्रीन बेल्ट और हरा-भरा बनाने के लिए भी स्थानीय लोगों ने रुचि दिखाई है। वहीं, दो सर्कल को गोद लेने में भी कम्पनियों ने रुचि दिखाई है। इस मुहिम को बढ़ावा मिला तो नगर निगम को करोड़ों के राजस्व का फायदा भी होगा। माना जा रहा है कि अगले माह निगम विकास समितियों और कम्पनियों को गोद देने की प्रक्रिया को पूरा कर देगा।
ग्रेटर निगम की उद्यान समिति अध्यक्ष राखी राठौड़ के अनुसार बीते दिनों उद्यान समिति की बैठक में पवन वाटिका पार्क, श्री वनेश्वर महादेव मंदिर पार्क, महर्षि परशुराम सर्कल एवं विद्याधर नगर सेक्टर-06 की ग्रीन बेल्ट और जगतपुरा के दो सर्कल को अलग-अलग विकास समिति, बैंक और कम्पनी को गोद देने का निर्णय लिया गया।
नियमों में ये
-स्थानीय स्तर पर जो समिति बनेगी, उसमें क्षेत्रीय पार्षद मनोनीत सदस्य होंगे।
-किसी भी पार्क में वाणिज्यिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश शुल्क भी नहीं लिया जा सकेगा।
-पार्क में कोई भी निर्माण नहीं कर सकेंगे। पौधे लगाने से लेकर लैंड स्कैपिंग के लिए निगम को सूचित करना होगा।
-बिना अनुमति के पार्क से मिट्टी नहीं उठाई जाएगी और न ही कोई पेड़ काटा जाएगा।
25 करोड़ से भी ज्यादा का खर्चा
दोनों नगर निगम में उद्यान शाखा का बजट 25 करोड़ से अधिक का है। पौधे लगाने, बांटने से लेकर पौधों में पानी देने के नाम पर 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। इतना ही नहीं, किसी विशेष आयोजन पर सौंदर्यीकरण के नाम पर भी मोटा बजट खर्च होता है।
Published on:
29 Mar 2025 01:14 am
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