
जयपुर। प्रदेश में कई भूगर्भ जल के दोहन के मामले में लगातार डार्क जोन बनते जा रहे हैं। विधानसभा में सरकार ने भी माना है कि प्रदेश में प्रदेश के कई जिलों में डार्क जोन का खतरा लगातार बढ़ रहा है, इसे रोकने के लिए सरकार अब कई कदम उठा रही है। साथ ही सरकार की ओर से भूजल के समुचित उपयोग के लिए भूजल संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण का भी जल्द ही गठन किया जाएगा।
दरअसल 15 फरवरी को विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की ओर से प्रदेश के डार्क जोन के सर्वे को लेकर सवाल पूछा गया था जिसमें पूछा गया था कि सरकार ने भूगर्भ जल के डार्क जोन क्षेत्रों का पुनः सर्वे कराए जाने का नीतिगत निर्णय किया था? क्या वर्तमान में भूजल की दृष्टि से कितने ब्लॉक अति दोहित, गंभीर, कुछ गंभीर, सुरक्षित हैं? क्या सरकार भू-जल दोहन के नियंत्रण के लिए कोई नीति बनाने का विचार रखती है?यदि हां तो कब तक।
जिस पर सरकार ने सदन में जवाब देते हुए कहा था कि नीतिगत निर्णय की पालना में राज्य भूजल विभाग हर साल नियमित रूप से सर्वे करता है। तथा एक नियमित अंतराल के पश्चात राज्य के भूजल संसाधनों का आंकलन भी किया जाता है। इसी क्रम में केंद्रीय भूमि जल बोर्ड और राजस्थान के भूजल विभाग की ओर से संयुक्त स्तर पर राज्य के भूजल संसाधन के नए आंकलन रिपोर्ट 2022 तैयार करके अन्तरविभागीय राज्य स्तरीय कमेटी से अनुमोदन कराकर जारी कर दी गई है।
सात शहरों के 219 ब्लॉक अतिदोहित
सरकार ने सदन में माना है कि प्रदेश के 7 जिलों के 219 ब्लॉक अतिदोहित कैटेगरी में आते हैं। सरकार ने सदन में कहा कि वर्तमान में भूजल आंकलन की नई रिपोर्ट 31-3-2022 के अनुसार प्रदेश के 295 ब्लॉक एवं 7 शहरी क्षेत्रों में से 219 ब्लॉक को अतिदोहित कैटेगरी में शामिल किया गया है।
इसके अलावा 22 संवेदनशील, 20 अर्ध संवेदनशील, 38 सुरक्षित कैटेगरी में बांटा गया है। शेष 3 ब्लॉक में भूजल लवणीय होने के कारण रिपोर्ट में इनका आंकलन नहीं किया गया है। जिन सात शहरों के 219 ब्लॉक अतिदोहित कैटेगरी में आते हैं उनमें अजमेर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, कोटा, उदयपुर और बीकानेर जिले हैं।
ऊर्जा संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण का गठन
सरकार ने भूजल दोहन के नियंत्रण के लिए नीति बनाने का जवाब देते हुए कहा कि राज्य में भूजल के समुचित उपयोग और राज्य के औद्योगिक इकाइयों के सुविधा के लिए भू जल संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण के गठन की बजट घोषणा की पालना करवाई जा रही है। विभाग की ओर से इसके ड्राफ्ट बिल का प्रारूप तैयार किया जा चुका है और विधि विभाग से मिले सुझाव को इस ड्राफ्ट में शामिल करके अनुमोदन के लिए वित्त विभाग को भिजवाया जा चुका है जिसको जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।
वीडियो देखेंः- राजस्थान विधानसभा में पेपर लीक पर हंगामा | Paper Leak Case | Rajasthan Patrika
Published on:
11 Mar 2023 02:12 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
