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GST Fraud: राजस्थान में बादाम कारोबार की आड़ में कर चोरी का खेल, तीन साल में सरकार को लगाया करोड़ों का चूना

Business Fraud: राजस्थान में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की GST चोरी का भंडाफोड़, कारोबारी गिरफ्तार। गुप्त खरीद-बिक्री और फर्जी लेखांकन का खुलासा, आर्थिक अपराध अदालत ने भेजा जेल।
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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jun 03, 2026

GST Fraud

Photo AI

Rajasthan GST: जयपुर.राजस्थान में वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-द्वितीय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 करोड़ रुपए से अधिक की कर चोरी का खुलासा किया है। मामले में मुख्य आरोपी महेश चंद गुप्ता को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय (आर्थिक अपराध), जयपुर में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

विभागीय जांच में सामने आया कि जयपुर के विद्याधर नगर निवासी महेश चंद गुप्ता जेएसएम इंडस्ट्रीज नामक फर्म का संचालन कर रहा था। आरोप है कि फर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर कर योग्य वस्तुओं की खरीद और बिक्री की गई, लेकिन इन लेन-देन को न तो लेखा पुस्तकों में दर्ज किया गया और न ही कर चालान जारी किए गए। इससे सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।

गुप्त रूप से माल की खरीद, भंडारण और बिक्री

प्रवर्तन शाखा की जांच के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान फर्म ने मुख्य रूप से बादाम के कारोबार में बड़े स्तर पर खरीद-बिक्री की। हालांकि इस व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा विभाग से छिपाया गया। माल की खरीद, भंडारण और बिक्री गुप्त रूप से की जाती रही तथा उससे संबंधित लेन-देन को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया।

जांच के दौरान विभाग ने दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑडिट रिपोर्ट का गहन परीक्षण किया। सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि कारोबारी द्वारा व्यवस्थित तरीके से कर चोरी की गई। विभाग का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में 50 करोड़ रुपए से अधिक की जीएसटी चोरी हुई है, जो राज्य के राजस्व के लिए बड़ा नुकसान है।

जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण खुलासे की संभावना

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया। अब विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस नेटवर्क में अन्य व्यक्ति, कारोबारी या फर्में भी शामिल थीं या नहीं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

यह कार्रवाई अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) बाबू सिंह चौहान के निर्देशन तथा संयुक्त आयुक्त हरेन्द्र चौधरी की निगरानी में की गई। टीम में सहायक आयुक्त संदीप कुमार चौधरी, राजेश कुमार यादव, राज्य कर अधिकारी सुनील दत्त शर्मा और राहुल नाटाणी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

वाणिज्यिक कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और बिना वैध दस्तावेजों के होने वाले व्यापारिक लेन-देन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि पारदर्शी कर व्यवस्था और राजस्व संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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