23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

gudi padwa 2021 जानें क्या होती है गुडी, कैसे बना यह विजय पर्व

gudi padwa kaise manate hai Gudi Padwa 2021 गुड़ी पड़वा कब है गुड़ी पड़वा कैसे मनाते हैं गुड़ी पड़वा gudi padwa SOMWATI AMAVASYA 2021 IMPORTANCE OF SOMVATI AMAVASYA SIGNIFICANCE OF SOMVATI AMAVASYA SOMVATI AMAVASYA DATE SOMVATI AMAVASYA DATE AND TIME SOMVATI AMAVASYA TIPS SOMWATI AMAVASYA 2021 Chaitra Navratri 2021 Start Date Chaitra Navratri 2021 Kab Hai Chaitra Navratri 2021 Kab Se Hai Chaitra Navratri 2021 End Date Time Chaitra Navratri Mahatva Chaitra Navratri 2021 Significance Navratri

less than 1 minute read
Google source verification
gudi padwa 2021 date gudi padwa 2021 kab hai

gudi padwa 2021 date gudi padwa 2021 kab hai

जयपुर. चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा गुड़ी पड़वा के रूप में मनाई जाती है। गुड़ी पड़वा दो शब्दों से मिलकर बना है, गुड़ी यानि ध्वज या झंडा और पड़वा यानि प्रतिपदा तिथि। इस पर्व पर घरों में गुड़ी यानि ध्वज या पताका फहराई जाती है। इस पर्व को लेकर अनेक मान्यताएं हैं। खास बात यह है कि इसी दिन हिंदू पंचांग का नव संवत्सर प्रारंभ होता है।

इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी प्रारंभ होता है। मां दुर्गा की उपासना का यह पर्व चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से रामनवमी तक यानि पूरे 9 दिन तक चलता है। इस साल गुड़ी पड़वा का पर्व 13 अप्रैल को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि इस पर्व पर घर में एक गुड़ी यानि झंडा रखा जाता है। गुड़ी को विजय का प्रतीक मान कर उसकी पूजा की जाती है।

मान्यता है कि ब्रह्माजी ने इसी दिन सृष्टि का निर्माण किया था। दक्षिण भारत में भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को यह पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है। वहां इस पर्व को उगाडी भी कहते हैं। मान्यता है कि भगवान श्री राम ने इस दिन वानरराज बालि का वध कर लोगों को उसके आतंक से मुक्त कराया था। कई जगहों पर गुड़ी पड़वा नई फसल आने की खुशी मनाने का त्‍योहार है।

गुड़ी पड़वा के दिन अलग—अलग राज्यों में विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं। आंध्र प्रदेश में इस दिन पच्चड़ी का प्रसाद बांटा जाता है। महाराष्ट्र में इस मौके पर मीठी रोटी पूरन पोली बनाई जाती है। कुछ जगहों पर गुड़, नीम के फूल, इमली, आम आदि मिलाकर मीठी रोटी बनाई जाती है। इस दिन श्रीखंड-पूड़ी का सेवन करने की भी परंपरा है।