25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुजरात में डंका बजाएंगे राजस्थानी, भाजपा ने बनाई यह रणनीति

राजस्थान विधानसभा से पहले भाजपा की नजरें गुजरात विधानसभा चुनाव पर है। भाजपा ने यहां चुनाव जीतने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस बार चुनाव में राजस्थान भाजपा के नेता भी महत्ती भूमिका निभाने वाले हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Oct 10, 2022

bjp_rajasthan.jpg

राजस्थान विधानसभा से पहले भाजपा की नजरें गुजरात विधानसभा चुनाव पर है। भाजपा ने यहां चुनाव जीतने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इस बार चुनाव में राजस्थान भाजपा के नेता भी महत्ती भूमिका निभाने वाले हैं। बीजेपी के पक्ष में उनका वोट डलवाने का जिम्मा राजस्थान बीजेपी को सौंपा गया है। इसके अलावा प्रचार के लिए राजस्थान से कई प्रमुख नेता स्टार प्रचारकों के रूप में भी गुजरात जाएंगे।

गुजरात के 9 जिलों की 43 विधानसभा सीटों पर प्रवासी राजस्थानियों की संख्या अच्छी खासी है। ऐसे में इन सीटों पर भाजपा के पक्ष में मतदान का जिम्मा राजस्थान के नेताओं को दिया जाएगा। फिलहाल इन सीटों के लिए राजस्थान के पूर्व मंत्री और राजस्थान बीजेपी में प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा को संयोजक बनाया गया है। हर सीट पर 2-2 और उसके बाद हर जिले में भी 2-2 प्रभारी लगाए हैं। इसके अलावा इन सभी के ऊपर प्रदेश स्तर के तीन नेताओं को प्रभारी बनाया गया। इसकी पूरी जिम्मेदारी सुशील कटारा के पास है।

इन सीटों पर राजस्थान भाजपा की निगाहें

गुजरात के 9 जिलों में कच्छ, भुज, गांधी शहर और ग्रामीण, बनासकांठा, पाटन, अहमदाबाद उत्तर और दक्षिणी, मोडासा, मेहसाना, साबरकांठा की जिम्मेदारी राजस्थान के नेताओं को दी गई है। गुजरात में 18 से 20 प्रतिशत वोटर ऐसा है जो राजस्थानी है या राजस्थानियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उनको साधने के लिए राजस्थान से प्रभारी लगाए गए हैं।


यह भी पढ़ें: राजस्थान के सियासी तूफान के बीच रमेश मीणा का ट्वीट क्या इशारा कर रहा है ?


दक्षिणी राजस्थान के नेताओं की भूमिका रहेगी अहम

पार्टी ने गुजरात चुनाव में दक्षिणी राजस्थान के जिलों के नेताओं को जिम्मेदारी दी है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, पाली, उदयपुर, जोधपुर, जालौर, चित्तौड़गढ़, सिरोही जिलों से नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। ये इलाका गुजरात के आसपास है, इस वजह से पार्टी ने यहां के लोगों को चुनाव की जिम्मेदारी दी है।