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गुप्त नवरात्रि 2018 : दो बड़े योग के कारण बहुत खास है ये गुप्त नवरात्रि, जानिए घटस्थापना का मुहूर्त और इसका खास महत्व

दो बड़े योग के कारण बहुत खास है ये गुप्त नवरात्रि, जानिए घटस्थापना का मुहूर्त और इसका खास महत्व
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जयपुर

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rohit sharma

Jul 13, 2018

जयपुर ।

हमारा देश भारत विविधता में एकता का देश है। यहां देवी देवताओं की मान्यता भी काफी अधिक है। भांति-भांति के लोग इस देश निवास करते है और हर तरह का पर्व मनाते है। साथ ही इस देश में नवरात्रि ऐसा पर्व है जो सभी हिंदू धर्म के लोग मनाते है। नवरात्रि का त्यौहार चार बाद आता है। जिनमें दो नवरात्रि बड़ी होती है उन्हें प्रत्यक्ष नवरात्रि भी कहते है और दो नवरात्रि गुप्त होती है। गुप्त नवरात्रि का महत्व भी साल में दो बार आने वाली प्रत्यक्ष नवरात्रि का जैसा ही होता है।

इस साल हिंदू पंचांग के मुताबिक आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानि आज से गुप्त नवरात्रि शुरु हो गए हैं। इस बार नवरात्रि में पुष्य नक्षत्र के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इस बार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत जहां पुष्य नक्षत्र में होगी, वहीं 21 जुलाई को सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा।

आइए हम आपको बताते हैं गुप्त नवरात्रि के शुभ मुहूर्त के बारे में।

पूजा के लिए ये है शुभ मुहुर्त

सुबह 7 बजकर 49 मिनट से 10 बजकर 01 मिनट तक
दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक
रात 8 बजकर 36 मिनट से 10 बजकर 9 मिनट तक


गुप्त नवरात्रि 2018 शुभ मुहूर्त

शुक्रवार,13 जुलाई - घट स्थापना और मां शैलपुत्री पूजा

शनिवार,14 जुलाई - माँ ब्रह्मचारिणी पूजा

रविवार,15 जुलाई - माँ चंद्रघंटा पूजा

सोमवार,16 जुलाई - माँ कुष्मांडा पूजा

मंगलवार,17 जुलाई - माँ स्कंदमाता पूजा

बुधवार,18 जुलाई - माँ कात्यायनी पूजा

गुरुवार,19 जुलाई - माँ कालरात्रि पूजा

शुक्रवार,20 जुलाई - माँ महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी

शनिवार,21 जुलाई - माँ सिद्धिदात्री, नवरात्रि पारण

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