
आंखों की डाक्टर के रूप में प्रसिद्ध हैं यह माता, आज तक आपने नहीं देखा होगा ऐसा चमत्कार
सूरज मरैया @ जौरा/मुरैना। गुप्त नवरात्र आते ही शहर के मंदिरों पर मां के भक्तों की भीड़ उमडऩा शुरू हो गई है। मुरैना क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र बनी निरार वाली माता ढाई वर्ष पूर्व इंदरगढ़ से भक्त भूपाल सिंह के साथ निरार गांव में आईं थी। माता के प्राकृट्य की यह अनसुना रहस्य मंदिर के भगत मातादीन सिंह ने बताया। उन्होंने बताया कि मुरैना की जौरा तहसील से 23 किमी दूर जंगलों में बसी निरार माता का मंदिर ढाई सौ वर्ष पुराना है।
मुख्यत; निरार माता को आंखों के रोग की डॉक्टर के रूप में पहचाना जाता है। जहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन माता के प्राकृट्य की कथा शायद ही किसी को पता हो। मंदिर के भगत मातादीन ने बताया कि निरार गांव में भूपाल सिंह नामक माता के भक्त थे,जो पैदल ही दतिया के इंदरगढ़ में किसी माता के दर्शन के लिए जाते हैं और वही महीनों रहकर सेवा पूजा करते थे। भूपाल सिंह की भक्ति से प्रसन्न होकर देवी मां ने उन्हें दर्शन किए और भूपाल सिंह ने मां से अपने साथ चलने के लिए कहा।
माता ने उन्हें प्राकट्य का वरदान दिया जहां निरार गांव में माता का प्राक्टय हुआ। तभी से सच्चे हृदय से आने वाले भक्तों की हर मनोकमना मां के दरबार में पूरी होती है। माता के मंदिर पर वैशाख माह में भव्य मेला का आयोजन भी किया जाता है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
खासतौर पर नेत्र रोग व कुष्ठ रोग से पीडि़त लोग दूरदराज से यहां पहुंचते हैं। भगत मातादीन ने बताया कि गुप्त नवरात्र में माता की विशेष पूजा होगा,जहां मंत्र तंत्र साधना और विशेष पूजा पाठ के कार्यक्रम भी किए जाते हैं।
Published on:
12 Jul 2018 07:34 pm
