26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिखों के 9वें गुरु तेगबहादुर राजा राम सिंह के समय में आए थे जयपुर, ये हैं उनसे जुड़ी रोचक बातें

तेगबहादुर की प्रेरणा के बाद 1996 में हुआ था रामगढ़ मोड़, दिल्ली रोड स्थित गुरुद्वारे का निर्माण...

2 min read
Google source verification
Guru Tegh Bahadur

Guru Tegh Bahadur

सिख समाज के नौंवे गुरु तेगबहादुर राजा राम सिंह के समय में जयपुर आए थे। रामगढ़ मोड़ दिल्ली रोड स्थित श्री गुरु तेगबहादुर ठाठ नानकसर से होते हुए वे गुजरे थे। इसी वजह से यहां पर गुरुद्वारे का निर्माण कराया गया है।


सेवादार गुरुदयाल सिंह बताते हैं कि गुरु तेग बहादुर राजा राम सिंह के साथ असम भी गए थे। यहां पर राजा को एक युद्ध करना था, लेकिन गुरु तेग बहादुर ने दोनों राजाओं को समझा बुझाकर युद्ध को टाल दिया था। यहां पर साल में एक बड़ा समागम होता है। ये समागम 23 से 40 दिन तक चलता है। 2003 से बाबा सुखदेव सिंह गुरुद्वारे की देखरेख कर रहे हैं।


शिक्षा और स्वास्थ्य पर दे रहे जोर

गुरुद्वारे की ओर से शिक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। यही वजह है कि यहां पर संगीत स्कूल भी चल रहा है। इस स्कूल में बच्चों से कोई फीस नहीं ली जाती। इसके अलावा इस वर्ष पांचवीं तक बाबा विधावा सिंह विद्या केंद्र सैकेंडरी स्कूल की भी शुरुआत की गई है। साथ ही बस्ती के लोगों ने हो योपैथी चिकित्सा केंद्र भी चल रहा है।


Read: जब दुनिया में नहीं रहे महाराजा रामसिंह, यहां हर जाति के हजारों लोगों ने मुंडवा लिया सिर
गौसेवा करना पुण्य का काम
गुरुद्वारे के सेवादार गौ सेवा को पुण्य मानते हैं। यहां पर गौशाला भी चल रही है। इसमें 40 से अधिक गाय हैं। इन सभी की देखरेख सेवादार ही कर रहे हैं। इसके अलावा इस गुरुद्वारे में सभी धर्मों को बराबर स मान दिया गया है। यहां पर सिखों के गुरुओं की तस्वीर है तो हनुमान और कृष्ण भी हैं। यही नहीं भक्त फरीद को भी गुरुद्वारे में जगह दी गई है। इसके पीछे सेवादारों का कहना है इन सभी का जिक्र गुरु गं्रथ साहिब में किया गया है।
---


PHOTOS: 131वें स्थापना दिवस पर यूं दमक उठा अल्बर्ट हॉल, जो चींजें कहीं नहीं वो आपको यहां दिखेंगी
इतिहास की बात
जयपुर में एेलोपैथी चिकित्सा पद्दति आने के बाद 1888 में सांगानेरी दरवाजे के बाहर मेयो अस्पताल बनाया गया। 14 अक्टूबर 1970 को जयपुर आए लार्ड मेयो ने अस्पताल की नींव रखी। इसके निर्माण पर उस समय दो लाख रुपए खर्च हुए। मेजर टी.़एच.़हैण्डले अस्पताल का मु य सर्जन था। मेया अस्पताल की इमारत में राजकीय महिला चिकित्सालय चल रहा है।


Read: नोटबंदी की चर्चा है; लेकिन पता है देश में चांदी के ब्रिटिश रुपए की भी कमर टूट गई थी

ये भी पढ़ें

image