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हाडौती को मिलेगा परवन का वरदान

हाड़ौती की लाइफ लाइन कही जाने वाली परवन नदी की अब कायाकल्प होने वाली है। परवन वृहद सिंचाई परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल कर लिया गया है, जिससे अब केंद्र से पहली बार परवन वृहद सिंचाई परियोजना को बजट मिल सकेगा। इस परियोजना को अब केन्द्र से पहली बार 733.86 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा।
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जयपुर

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Lalit Mohan Sharma

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Updated: 2 Apr 2022, 12:55 PM IST

हाडौती को मिलेगा परवन का वरदान

हाडौती को मिलेगा परवन का वरदान

हाड़ौती की लाइफ लाइन कही जाने वाली परवन नदी की अब कायाकल्प होने वाली है। परवन वृहद सिंचाई परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल कर लिया गया है, जिससे अब केंद्र से पहली बार परवन वृहद सिंचाई परियोजना को बजट मिल सकेगा। इस परियोजना को अब केन्द्र से पहली बार 733.86 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा। परवन वृहद सिंचाई परियोजना पूरी होने पर कोटा संभाग के झालावाड़, बारां और कोटा के किसानों, आमजन और उद्योगों को फायदा मिलेगा।

अपने संसदीय क्षेत्र के तीन दिवसीय कोटा पहुंचे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा है कि हाड़ौती की लाइफ लाइन कही जाने वाली परवन नदी की इस योजना के पूरी होने पर क्षेत्र के किसानों की तकदीर बदल जाएगी। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत करीब साढ़े सात सौ करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। अब जल्द ही ना केवल पानी की पाइप लाइन ठीक होगी बल्कि परवन नदी के पूरे प्रोजेक्ट को तैयार होने में काफी मदद मिलेगी। शेजना पूरी होने पर जहां असिंचित क्षेत्र के खेतों में पानी उपलब्ध हो पाएगा, वहीं पीने के पानी की समस्याओं में भी कमी आएगी।

आपको बता दें, 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बजट की इस परियोजना का काम वैसे तो एक साल पहले ही पूरा हो जाना था, लेकिन अब तक 43 फीसदी कार्य बाकी है और 57 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत नहरों से लेकर डिग्गियां तक का निर्माण का काम अभी भी चल रहा है। परियोजना में मुआवजा समेत अन्य कार्यों पर 4 हजार करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इस परियोजना में अभी भी करीब 3500 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इसके लिए 733.86 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से मिल जाएंगे। इस परियोजना से झालावाड़, बारां और कोटा के किसानों को खासा फायदा होगा इलाके में सिंचाई पानी की समस्या खत्म हो जाएगी वहीं क्षेत्र के उद्योगों को भी फायदा मिलेगा। हालांकि, प्रदेश के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं, और इस मामले की जांच भी चल रही है।