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हनुमान बेनीवाल ने सरकार को दी चेतावनी, कहा- इसका अंजाम भुगतना होगा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक एवं खींवसर से विधायक हनुमान बेनीवाल ने सरकार को चेतावनी दी है।
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hanuman beniwal

जयपुर। महेश नगर स्थित मैरिज गार्डन में रोज 10 हजार रुपए चुकाकर धरना दे रहे भावी अफसरों को गुरुवार को महेश नगर थाना पुलिस ने बाहर निकालकर वहां ताला जड़ दिया। आरएएस-2016 के करीब 100 चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति देने की मांग पर 9 दिन से यहां धरना दे रहे थे।

सरकार मामले को लेकर गंभीर नहीं
मामले को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक एवं खींवसर से विधायक हनुमान बेनीवाल ने सरकार को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि RAS 2016 में चयनित अभ्यर्थी 10 हजार रुपए प्रति दिन देकर एक मैरिज गार्डन में खुद की नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर राज्य की राजधानी जयपुर में बैठे हैं।

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विगत सरकार की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली की वजह से इन्हें नियुक्ति से वंचित रहना पड़ा और वर्तमान सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। पुलिस और प्रशासन जबरन उनके धरने पर कार्यवाही कर रही है जो गलत है। सोशल मीडिया के मंच से सरकार यह सुन ले कि किसान के बेटे और बेटियां जो मेहनत करके RAS में उतीर्ण हुए हैं, उन्हें तत्काल नियुक्ति नहीं दी तो अंजाम शासन को भुगतना होगा।

पुलिस आई और बाहर निकालकर ताला लगा दिया
अभ्यर्थी सुनील विश्नोई ने बताया कि गुरुवार सुबह पुलिस आई और हमें बाहर निकालकर ताला लगा दिया। गार्डन संचालक को भी ले गई। यहां से सभी एक पार्क में गए तो वहां से भी पुलिस ने भगा दिया। छुपकर गुर्जर की थड़ी में एक निजी स्थान पर जमा हैं। अभ्यर्थियों का कहना है, वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। कभी नुक्कड़ नाटक तो कभी रक्तदान कर मांग सरकार तक पहुंचा रहे थे। उधर, पुलिस का कहना है कि अभ्यर्थी बिना अनुमति धरना दे रहे थे।

सत्यापन हो चुका है, नियुक्ति बाकी है
2016 में आरएएस में चयनितों का मेडीकल और पुलिस सत्यापन तक हो चुका है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार नियुक्ति देने की बजाए मामला कोर्ट में होने की बात कहकर टरका रही है। जबकि मामला भर्ती का नहीं बल्कि नियमों का है। इसी संबंध में कई दूसरी भर्तियों के चयनितों को नियुक्ति दी जा चुकी है। सड़कों पर चिल्लाने के बजाए शांतिपूर्ण तरीके से बैठने के विकल्प का चुनाव किया। मगर लोकतंत्र में हमसे यह अवसर भी छीना जा रहा है।

इधर बिना अनुमति धरना
2018 में मुख्य परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी राजस्थान विवि में धरना दे रहे हैं। यहां भी प्रशासन से अनुमति नहीं दी है। चीफ प्रोक्टर एचएस पलसानिया ने बताया, कई दिन पहले पुलिस को पत्र भी लिख दिया।

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