
hanuman jayanti
जयपुर. केसरी नंदन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव आज छोटी काशी में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हनुमानजी का जन्माभिषेक किया गया। मंदिरों में श्रद्घालु केसरी नंदन का अभिनंदन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। हनुमान मंदिरों में अंजनी सुत हनुमानजी का पंचामृताभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई। दर्शन करने के लिए मंदिरों में हनुमान भक्तों का सुबह से ही तांता लगना शुरू हो गया था। हनुमान जन्मोत्सव पर इस बार 57 साल बाद पंचग्रही योग बन रहा है। मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि व राहु की युति बन रही है। इस दिन बन रहे विशेष योग में हनुमान जी की साधना करने वालों के लिए विशेष फलदायी होगी।
चांदी की टकसाल स्थित ठिकाना मंदिर श्री काले हनुमानजी में केसरी के नंदन का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। शुक्रवार मध्य रात्रि में महंत गोपालदास के सान्निध्य में हनुमानजी का सहस्त्रधाराभिषेक के साथ जन्माभिषेक किया गया। मंदिर के युवाचार्य पं. योगेश शर्मा ने बताया कि सामूहिक संगीतमय सुंदरकांड के पाठ हुए।
खोले के हनुमानजी मंदिर में सुबह हनुमानजी महाराज का 108 औषधि द्रव्यों व विभिन्न तीर्थों के जल से मंत्रोच्चारण के साथ महाअभिषेक कराया गया। इसके बाद षोडशोपचार पूजन हुआ। हनुमानजी को चांदी की पोशाक धारण करवा कर विशेष श्रृंगार किया गया। दोपहर में विशेष उत्सव आरती हुई।
चांदपोल हनुमान मंदिर में पंचामृत अभिषेक के बाद विशेष शृंगार किया गया। जन्म आरती के बाद दर्शन खुले। इसके साथ ही मंदिर में दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। सांगानेरी गेट स्थित पूर्वमुखी हनुमानजी मंदिर में पंचामृताभिषेक के बाद बाद सवा किलो सिंदूर का चौला चढ़ाया गया। इसके बाद नवीन पोशाक धारण करवा कर जन्म आरती की गई।
पश्चिम मुखी हनुमान मंदिर में भी अभिषेक, श्रृंगार, पूजन और महाआरती हुई। पुराना घाट स्थित जयपुर के कुल देवता के रूप में प्रसिद्ध घाट के बालाजी मंदिर, न्यू सांगानेर रोड स्थित चिंताहरण काले हनुमान जी मंदिर में महंत मनोहरदास के सान्निध्य में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। करतारपुर स्थित मनशापूरण हनुमान मंदिर में सुबह दुग्धाभिषेक के बाद रुद्र पाठ हुए। हनुमानजी को 11 हजार लड्डुओं का भोग अर्पित किया जा रहा है।
चांदपोल बाजार स्थित ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्र जी में महंत नरेंद्र तिवाड़ी के सान्निध्य में हनुमत जन्मोत्सव भी मनाया गया। हनुमानजी का पंचामृत अभिषेक कर केवड़ा व गुलाब जल, सुगंधित इत्र, गंगाजल आदि को मिश्रित कर स्नान करवाया गया। हनुमानजी को सिंदूरी चोला अर्पण कर सोने-चांदी का वर्क लगा कर पीले की सुनहरा काम की हुई पोशाक धारण करवाई गई। इसके बाद संगीतमय सुंदर कांड के पाठ किए।
Published on:
12 Apr 2025 03:46 pm
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