9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

HBD हरभजन: जब जयपुर के मैदान में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगे थे ‘भज्जी’

जोरदार छक्के पर भज्जी ने यूं लिया था अपना बदला

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh

Jul 02, 2018

Harbhajan Singh

जयपुर

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफलतम आॅफ स्पिनर हरभजन सिंह अपना 38 वां जन्मदिन आज बड़े ही धूम- धाम से मना रहे है। भज्जी के नाम से मशहूर हरभजन सिंह का जन्म 3 जुलाई 1980 में पंजाब के जालंधर में हुआ था। आपको बता दें कि हरभजन सिंह को ज्यादातार विपक्षी खिलाड़ी 'द टर्बनेटर' के नाम से बुलाते हैं। हरभजन ने आईपीएल का 11 वां सीजन चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेला था।


गौरतलब है कि आईपीएल के 11 वें सीजन में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए मैच में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को चार विकेट से हरा दिया था। इस मैच में चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकशान पर 176 का रन बनाए थे। जिसे राजस्थान रॉयल्स ने ओपनर जोस बटलर की 60 गेदों पर 95 रन की पारी की बदोलत एक गेंद शेष रहते लक्ष्य को हासिल कर लिया।


इस मैच में बटलर और स्टोक्स ने आक्रमक रुख अपनाते हुए पारी की शुरूआत की थी। वहीं चेन्नई की ओर से दूसरा ओवर हरभजन सिंह ने फेका। लेकिन वे इस ओवर में कुछ खास नहीं कर पाए। राजस्थान की ओर से बटलर आक्रमक रुख में नजर आ रहे थे,तो दूसरी ओर बेन स्टोक्स उनका साथ दे रहे थे। पारी के चौथे ओवर की चौथी और पांचवीं गेंद पर उन्होंने पहले चौका, फिर ***** जड़ा लेकिन आखिरी गेंद पर वह बीट हो गए और हरभजन ने उनकी गिल्लियां बिखेर दीं। स्टोक्स का विकेट लेने के बाद भज्जी बहुत उत्साहित नजर आए और मैदान पर चिल्लाने लगे। हांलाकि हरभजन इस मैच में अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

पांच बहनों के इकलौते भाई है भज्जी

भज्जी के नाम से मशहूर हरभजन का जन्म पंजाब के जालंधर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता की बॉल बियरिंग बनाने की फैक्ट्री थी। भज्जी अपनी पांच बहनों के इकलौते भाई है। भज्जी की बचपन से क्रिकेट में ही खासी रूचि थी। उनके पिता ने उन्हें पारिवारिक बिजनेस के बजाय क्रिकेट पर ही ध्यान लगाने को कहा था। 2000 में उनके पिता का निधन हो गया लेकिन तब तक हरभजन टीम में जगह बना चुके थे। लेकिन क्या आपको पता है की भज्‍जी का सपना बचपन से ही बल्‍लेबाज बनने का था। लेकिन किस्मत ने उन्हें आॅफ स्पिनर गेंदबाज बना दिया।