
वाहे रे पुलिस ! 9 साल में भी नहीं ढूंढ पाई हर्षित के हत्यारे
जयपुर. दस दिसम्बर आते ही जयलाल मुंशी का रास्ता में रहने वाले लोगों के जेहन में हर्षित हत्याकांड की यादें ताजा हो जाती हैं। लेकिन मासूम की क्रूर हत्या करने वालों का 9 साल बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। नौ सालों में पुलिस यह भी पता नहीं कर सकी कि मासूम हर्षित की अपहरण के बाद हत्या क्यों की गई।
गौरतलब है कि दस दिसम्बर 2009 की दोपहर को चांदपोल बाजार स्थित जयलाल मुंशी का रास्ता में घर के बाहर स्कूल से ऑटो से लौटे हर्षित सोनी पुत्र मुकेश सोनी को घर में घुसते हुए परिजनों ने देखा। लेकिन वह घर के चौक में पहुंचने से पहले ही अगवा हो गया। इधर पुलिस हर्षित व अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी थी और उसी दिन देर शाम निवाई के पास रेलवे लाइन पर दो लोग एक बोरे को रखकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी गेटमैन की नजर उन पर पड़ गई। गेटमैन दौड़ता, उससे पहले दोनों बाइक लेकर भाग निकले। बोरे की तलाशी ली तो उसमें हर्षित का शव मिला। उसकी आंख, नाक और मुंह को फेवीक्विक से चिपकाया गया था।
परिचित पर संदेह पर पकड़ नहीं पाए
निर्मम हत्या के बाद हत्यारे शव को ट्रेन से कुचल कर क्षत विक्षत करने की साजिश में थे। स्कूल की बैल्ट से हर्षित की पहचान हो सकी थी। मामले में पुलिस ने किसी परिचित पर संदेह जाहिर किया, लेकिन किसी को पकड़ नहीं सकी।
Published on:
10 Dec 2018, 5:35 PM IST
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