
दिव्यांग को गृह जिले में पदस्थापित नहीं करने पर मांगा जवाब जयपुर, 8 जून
जयपुर
(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Third grade Teacher recruitment 2018) तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2018 में (Selected) चयनित (Sightless handicapped) दृष्टिहीन दिव्यांग को (home District) गृह जिले में (Appoint) नियुक्ति नहीं देने पर (Pr sec Education) प्रमुख शिक्षा सचिव और (Director Secondary Education) माध्यमिक शिक्षा निदेशक से (reply) जवाब मांगा है। न्यायाधीश एस.पी.शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश टोंक निवासी विभा शर्मा की याचिका पर दिए।
एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया कि दिव्यांग याचिकाकर्ता का भर्ती में चयन होने के बाद विभाग ने उसे स्वयं के गृह जिले में नियुक्ति देने के बजाए चार सौ किलोमीटर दूर जोधपुर जिला आवंटित कर दिया। जबकि याचिकाकर्ता से कम अंक वाले अभ्यर्थियों को आसपास के जिले आवंटित किए। याचिकाकर्ता सौ फीसदी दृष्टिबाधित होने के चलते स्वयं के दैनिक कार्य भी अकेले करने में असमर्थ है। प्रशासनिक सुधार विभाग ने भी 21 अगस्त 2008 को परिपत्र जारी कर दिव्यांग को इच्छित स्थान पर पदस्थापित करने के निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद याचिकाकर्ता को विभाग ने गृह जिले में पदस्थापित नहीं किया अत: याचिकाकर्ता को गृह जिले में ही पदस्थापित करने के आदेश दिए जाएं।
Published on:
08 Jun 2020 08:39 pm
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