
मिट्टी के अलग-अलग प्रकार त्वचा रोगों से लेकर कई तरह की शारीरिक समस्याओं को दूर करने में उपयोगी साबित होते हैं। मिट्टी लेप या स्नान से असाध्य रोगों को भी ठीक किया जा सकता है। दरअसल, औषधीय गुणों से भरपूर मिट्टी शरीर को सीधे फायदा पहुंचाती है। यह विषाक्त पदार्थों को बाहर रोगमुक्त करती है।
मिट्टी स्नान से घुटनों में दर्द से मिलती राहत
मिट्टी के लेप से कई तरह के असाध्य रोगों को ठीक किया जा सकता है। इसके लिए काली मिट्टी, मुल्तानी मिट्टी और मृत सागर की मिट्टी को लाभकारी माना गया है। इनमें कैल्शियम, सिलिका, मैग्नीशियम तथा आयरन प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। मिट्टी से स्नान और चेहरे पर लेप करने से त्वचा संबंधी विकारों को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा सोरायसिस और एक्जिमा की समस्या में भी राहत मिलेगी। जिन लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या है, उनके लिए मिट्टी का लेप बहुत लाभकारी है। मिट्टी का लेप शरीर में से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के साथ ही मृत त्वचा को भी हटाता है। त्वचा में कसावट लाकर प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद मिलती है।
कील-मुंहासे और डेंड्रफ से मिलेगी निजात
मिट्टी सौंदर्य बढ़ाने के साथ ही बालों संबंधी समस्याओं में भी बहुत असरदार है। नेचुरोपैथी में मिट्टी के लेप से सिर की त्वचा में संक्रमण एवं डैंड्रफ की समस्या को दूर किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले तत्त्व बालों को पोषण देकर जड़ों को मजबूत बनाते हैं। मिट्टी बालों का रुखापन दूर करके सिर की त्वचा का रक्त संचार बढ़ाती है। यह शरीर में से गर्मी को निकालकर कील-मुहांसों की समस्या से भी राहत देती है। मुल्तानी मिट्टी टेनिंग दूर करेगी।
घर पर भी तैयार कर सकते हैं मिट्टी लेप
मिट्टी चिकित्सा लेने के लिए घर पर भी मिट्टी का लेप तैयार किया जा सकता है। इसके लिए जमीन से दो-तीन फीट नीचे तक खुदाई कर साफ मिट्टी निकालें। इसे दो से तीन दिन तक धूप में सूखाएं। इसके बाद छानकर बर्तन में भर लें। जब भी मिट्टी का लेप बनाना हो तो रात में मिट्टी को किसी बर्तन में भिगो दें। सुबह इसमें कर्पूर, नीम पाउडर, हल्दी और ऐलोवेरा जैल मिलाकर शरीर पर लगाएं। गर्मियों में हफ्ते में एक-दो बार प्रयोग कर सकते हैं।
डॉ. श्रीकृष्ण शर्मा
नेचुरोपैथी विशेषज्ञ, मेहसाना, गुजरात
Published on:
22 May 2021 03:47 pm
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