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चिकित्सकों की कमी फिर नहीं होती भर्ती, 1132 विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 2980 पद खाली

HEALTH NEWS IN HINDI : प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में राज्य सरकार की तमाम भर्तियों के बावजूद ( Medical Department Rajasthan ) भी डॉ€क्टरों के करीब 2980 पद खाली हैं। इस समय प्रदेश में 11829 पद स्वीकृत हैं। सबसे ज्यादा खाली पद निचले स्तर के अस्पतालों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में लगने वाले चिकित्सा अधिकारियों के हैं, जिनकी संख्या करीब 1349 है।
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Health news IN HINDI : प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में राज्य सरकार की तमाम भर्तियों के बावजूद ( Medical Department Rajasthan ) भी डॉ€क्टरों के करीब 2980 पद खाली हैं। इस समय प्रदेश में 11829 पद स्वीकृत हैं। सबसे ज्यादा खाली पद निचले स्तर के अस्पतालों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में लगने वाले चिकित्सा अधिकारियों के हैं, जिनकी संख्या करीब 1349 है।

डॉक्टरों की नियुक्ति अधिकांशतया ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में की जाती है। खाली पदों में वरिष्ठ विशेषज्ञ के 95, कनिष्ठ विशेषज्ञ के 1037 के रिक्त हैं। दोनों विशेषज्ञों के कुल 1132 पद रिक्त हैं।अब तक करीब करीब सभी सरकारें टुकड़ों में चिकित्सकों की भर्तियां करती रही हैं, क सी भी सरकार ने सभी पद एक साथ भरने का ए€शन प्लान आज तक नहीं बनाया गया है। कर्इ बार प्रदेश में चिकित्सकों की क मी बताई जाती रही है। हाल ही में सरकार ने करीब 800 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 2 हजार का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने की बात क ही थी, उससे कुछ आस बंधी है। वहीं नए मेडिकल कॉलेजों और पीजी और एमबीबीएस की बढ़ी हुई सीटों के बाद आने वाले सालों में रि€क्त पद भरने का प्लान बनाया जा सक ता है। हालांकि सरकार टुकड़ों में पदों पर भर्तियां तो करती हैं, लेकिन जॉइनिंग के बाद कई बार डॉक्टर पीजी करने के लिए चले जाते हैं। वहीं कई बार सरकारी नौकरी का ठप्पा लगवाने के बाद डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आते और अनुपस्थित चलते रहते हैं।

आपको बता दे जिन चिकित्सकों की कमी छोटे अस्पतालों में है, उनमें अधिकांश सामान्य बीमारियों के हैं। जिनका समय पर उपचार नहीं मिलने पर कई बार मरीजों की स्थिति गंभीर होती है, जिनमें बच्चे भीशामिल हैं। प्रदेश भर के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है। जहां डॉक्टरों कीकमी है, वहां के मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर जाना पड़ रहा है। जिससे निचले स्तर पर ही सामान्य बीमारियों का उपचार नहीं हो पाता और बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है