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यहां रविवार रात से लेकर मंगलवार तक जारी बारिश का दौर, अब मौसम विभाग ने फिर बढ़ाई किसानों की चिंता

Heavy Rain in Dholpur: राजस्थान में मानसून ( Monsoon 2019 ) भले ही देरी से आया हो, लेकिन आया तो फिर झूमकर ही आया और अब जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई जिलों में सितंबर के अन्त में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Sep 24, 2019

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राजस्थान में मानसून ( Monsoon 2019 ) भले ही देरी से आया हो, लेकिन आया तो फिर झूमकर ही आया और अब जाने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई जिलों में सितंबर के अन्त में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है। धौलपुर जिले में सावन भले ही सूखा गुजर गया, लेकिन भादौ में बादल सावन की तरह ही बरस रहे हैं। रविवार रात से लेकर मंगलवार तक यहां जमकर बारिश ( Heavy Rain in Dholpur ) के बाद अब सुबह से बारिश हो रही है। इससे तापमान काफी गिर गया है और मौसम में ठण्डक घुल गई है। इन दिनों कभी धूप, कभी बारिश होने के कारण मौसमी बीमारियों ने भी जड़ जमा ली हैं। लोग बीमारियों का शिकार होने लगे हैं। व्यापार पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। फसलें खराब होने लगी है।

प्रदेश के कई जिले तो ऐसे हैं, जहां सामान्य से दोगुना ज्यादा पानी बरसा। प्रदेश में सर्वाधिक बारिश झालावाड़ में 1573 एमएम हुई। पूरे प्रदेश में 21 जिले ऐसे रहे जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई। वहीं चार जिले पर्याप्त बारिश का इंतजार करते रहे। मौसम विभाग ( IMD ) ने एक बार फिर से तेज बारिश की आशंका जता किसानों को चिंतित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश ( Heavy Rain in Rajasthan ) होने की संभावना जताई है। मौसम केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में बांसवाड़ा, चित्तौडग़ढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर पूर्वी राज्यों में बन रहे कम वायुदाब क्षेत्र के असर से बादलों की आवाजाही भी पूर्वी राजस्थान में बढ़ रही है।


इस साल मानसून अजमेर जिले में भी खूब मेहरबान रहा। यहां बरसात का आंकड़ा 900 मिलीमीटर तक पहुंच चुका है। कई साल बाद जिले के तालाब, बांध, एनिकट लबालब होकर छलक पड़े। लोगों ने कई जलाशयों को पहली बार लबालब देखा। झमाझम बरसात का दौर जुलाई में शुरू हुआ था। 5 से 7 जुलाई तक 160 मिलीमीटर बरसात हुई। इसके बाद 25 से 27 जुलाई तक हुई बरसात से आंकड़ा 300 मिलीमीटर पहुंच गया। इसके बाद 1 अगस्त, 16 से 18 अगस्त और 25 से 31 अगस्त के बीच हुई बरसात ने तस्वीर बदल दी। 7 सितंबर तक हुई बरसात से जिले का आंकड़ा 900 मिलीमीटर पहुंच गया। जबकि मानसून के दौरान 1 जून से 30 सितंबर तक जिले की औसत बरसात 550 मिलीमीटर मानी जाती है।

फोटो - प्रतीकात्मक