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नियमों में उलझी जेटिंग मशीन, परिषद को खरीदने में लगेगा वक्त

जंक्शन क्षेत्र में बंद पड़ी सीवरेज लाइन की सफाई के लिए नगरपरिषद ने 22 लाख की जेटिंग मशीन खरीदने के लिए निविदा आमंत्रित की थी। लेकिन अब जेटिंग मशीन नियमों में उलझ गई है। जानकारी के अनुसार एक अर्जी आने के कारण परिषद को मशीन खरीदने के लिए बोर्ड की बैठक में स्वीकृति लेनी होगी।
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sandeep srivastava

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Updated: 29 Apr 2016, 9:02 AM IST

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सीवरेज लाइन खोलने के लिए जेटिंग मशीन नियमों में उलझ गई है। जंक्शन क्षेत्र में बंद पड़ी सीवरेज लाइन की सफाई के लिए नगरपरिषद ने 22 लाख की जेटिंग मशीन खरीदने के लिए निविदा आमंत्रित की थी। लेकिन एक ही अर्जी आने के कारण अब इसे खरीदने में समय लगेगा।

जानकारी के अनुसार एक अर्जी आने के कारण परिषद को मशीन खरीदने के लिए बोर्ड की बैठक में स्वीकृति लेनी होगी। इसके पश्चात ही इसे खरीदा जा सकेगा। जंक्शन के कई वार्डों में किए गए सीवरेज कनेक्शन जाम होने से नागरिक परेशान हैं। पाइप बंद होने से घरों का पानी व शौचालयों का मल सीवरेज में नहीं जा रहा है।

मशीन की क्षमता
बाईस लाख रुपए कीमत की जेटिंग मशीन की क्षमता चार हजार लीटर होगी। यह सीवरेज लाइन के गंदे पानी को पंप के माध्यम से निकालेगी। इसके बाद साफ पानी को प्रेशर से लाइन में डालेगी, जिससे बंद पड़ी पाइप खुल जाएगी। मशीन खरीदने के लिए परिषद ने निविदा जारी की थी। लेकिन एक ही फार्म के कारण अब बोर्ड की बैठक में स्वीकृति लेकर ही मशीन खरीदी जा सकेगी।

यह हैं हालात
शहर में डाली गई सीवरेज लाइन कई जगह बंद हो चुकी है। जंक्शन के सुरेशिया व आसपास के इलाके में सीवरेज लाइन बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है। शहर में सीवरेज का निर्माण 2010 में शुरू हुआ था जो कि 2012 में पूरा होना था, लेकिन अभी तक जंक्शन क्षेत्र में ही मात्र 2200 कनेक्शन हुए हैं।

सीवरेज लाइन बंद होने से कनेक्शनधारियों के घरों में बने शौचालयों से मल-मूत्र पास नहीं हो रहा। जंक्शन में एसटीपी शुरू होने से पहले कनेक्शन चालू कर दिए गए। इससे कई वार्डों में गंदगी चैंबर से बाहर आनी शुरू हो गई। इस पर नागरिकों ने रोष प्रकट किया तो नगर परिषद ने आनन-फानन में सेफ्टी टैंकर के जरिए चैंबरों को खाली करवाया था। अब हालात फिर से पहले जैसे हैं।