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वार्ड 66: कई जगह जर्जर हो रही दीवार, संवारने के लिए नहीं हो रहे प्रयास

हवेलियों की जगह बनी ऊंची इमारतों से परकोटा भी छिपा    

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जयपुर. भले ही राजधानी का परकोटा क्षेत्र यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हो गया हो, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं बदला है। परकोटे के दोनों ओर ऊंचे मकान बन गए हैं। ऐतिहासिक परकोटा भी अब आने-जाने वालों को दिखाई नहीं पड़ता है। किशनपोल जोन के वार्ड 66 में भी यही हाल है।

सूरजपोल बाजार में पिछले 10 से 12 वर्ष में कई नए निर्माण हुए हैं। एक-दो जगह नए निर्माण हो रहे हैं। मुख्य बाजार के पीछे प्राचीन दीवार सड़क से दिखती ही नहीं है। कई लोगों ने तो दीवार पर ही अतिक्रमण कर लिया है। वार्ड की कॉलोनियों में कई जगह नए निर्माण हो रहे हैं। इनको रोकने के लिए निगम की टीम कभी पहुंची ही नहीं। जबकि, नियमित रूप से सतर्कता शाखा मॉनिटरिंग करती है।

कोई देखने वाला नहीं

-सूरजपोल गेट के आस-पास प्राचीन दीवार पर ही अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। दीवार के पीछे भी नए निर्माण हैं। कई लोगों ने प्राचीन दीवार से सटाकर अपने मकान की दीवार खड़ी कर ली।

-चार दरवाजा रोड पर भी नए निर्माण हो रहे हैं। गलियों में तो सड़क सीमा क्षेत्र में बालकनी तक निकाल रखी है। आठ फीट की गली पर तीन-तीन फीट की बालकनी लोगों ने निकाल रखी है।

जर्जर हो गई दीवार

कई जगह प्राचीन दीवार जर्जर हो चुकी है। जर्जर प्राचीन इमारत को सही करने का भी प्रयास नहीं किया जा रहा है। जबकि, इसको संवारने के लिए यूनेस्को के सदस्यों ने भी कहा है। यदि इसी तरह इमारत जर्जर होती गई तो वो दिन दूर नहीं जब ये धराशायी हो जाएगी।

हाल ही हुए निर्माण

हीदा की मोरी: 04

सूरजपोल बाजार: 03

मंडी खटीकान रोड: 05

लक्ष्मीनारायण पुरी: 04

ये जिम्मेदार

-सुरेंद्र यादव, उपायुक्त, किशनपोल जोन

-नीलकमल मीणा, उपायुक्त सतर्कता शाखा

ये रहे पार्षद

वर्ष 2009 से 2014: कैलाश नावरिया

2014 से 2019: राजेश बिंवाल

2020 से अब तब: महेश सोयल और घनश्याम टेपण