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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा जाएगी १६५ विधानसभा क्षेत्रों में

- कुल ५८ दिन की होगी यात्रा- चालीस दिन का सफर और १८ दिन का रहेगा ब्रेक-165 विधान सभा क्षेत्रों में जाएगी यात्राएशेष 35 में बाद में जाएंगी मुख्यमंत्री- 13५ सभाएं होंगी और 371 जगह स्वागत होगा मुख्यमंत्री का
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CM Vasundhara Raje

जयपुर।
भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की 4 अगस्त से चारभुजाजी से शुरू हो रही राजस्थान गौरव यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह यात्रा ५८ दिन की होगी। इसमें से अठारह दिन का ब्रेक होगा और चालीस दिन की यात्रा होगी।
इस यात्रा के संयोजक गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि चार अगस्त से शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन 30 सितंबर को अजमेर जिले की पुष्कर विधानसभा में होगा। मुख्यमंत्री 58 दिन में 6054 किलोमीटर की यात्रा सात संभागों की करेंगी। यह यात्रा 165 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगी। जयपुर जिले की २३ एवं अन्य जिलों की बारह विधानसभाओं जो यात्रा से वंचित रह जाएंगी। इनको बाद में कवर किया जाएगा। पूरी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 135 जगह जन सभाओं को संबोधित करेंगी और 371 जगह उनका स्वागत होगा। कटारिया ने कहा कि कुछ उदयपुर संभाग के कुछ रास्ते ऐसे हैं जहां पहुंचने में बहुत परेशानी है तो वहां मुख्यमंत्री हैलीकॉप्टर से पहुंचेगी।
यात्रा उदयपुर संभाग में 7 दिनए,भरतपुर संभाग में 4 दिन, जोधपुर संभाग में 7 दिन, बीकानेर संभाग में 6 दिन, कोटा संभाग में 4 दिन, जयपुर संभाग में 5 दिन और अजमेर संभाग में 7 दिन तक रहेगी। कटारिया ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से भाजपा की होगी और भाजपा ही इस यात्रा का खर्चा उठाएगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा कि इस यात्रा में सरकार के कामकाज जनता के बीच रखेंगे। इस सरकार ने एेसे कई काम किए हैं, जो कभी नहीं हुए। आज राजस्थान बीमारू राज्यों की श्रेणी से निकल कर विकसित राज्यों की श्रेणी में आ गया है। एेसे कई काम इस सरकार ने किए हैं।
बलि का बकरा नहीं बलि लेने आया हूं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी से पूछा गया कि विपक्ष उनको बलि का बकरा बता रहा है। इस पर सैनी ने कहा कि वे बलि का बकरा बनने नहीं आए हैं बल्कि वे बलि लेने आए है। अब बलि किसकी लूंगा यह अभी आने वाले समय में पता चल जाएगा। वहीं, कटारिया ने अशोक गहलोत के आरोपों पर कहा कि वे सामने आ जाएं। उन्होंने जितना पचास साल राज करने के बाद भी नहीं किया, उससे कहीं ज्यादा भाजपा ने पांच साल के राज में कर दिया। मंदिरों में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मंदिरों में जाएंगे तो अच्छा ही है। भगवान उनको सद्बुद्धि ही देगा। कटारिया से जब पूछा गया कि घनश्याम तिवाडी भी गौरव यात्रा निकाल रहे है। इस पर कटारिया ने कहा कि वाकई उन्होंने अपना और राजस्थान का गौरव बढाया है। जिस पार्टी ने उन्हें बेटे की तरह पाला और यहां तक पहुंचाया आज उस पार्टी में उनको बुराई दिखने लगी है। यह कहां की नैतिकता है।

बांग्लादेशी पहले बिहार का बनता है फिर यहां का बन जाता है
गृह मंत्री कटारिया से पूछा गया कि असम में 40 लाख लोग अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाए। क्या राजस्थान में भी बाहरी लोगों की ऐसी पडताल होनी चाहिए। इस पर कटारिया ने कहा कि वैसे राजस्थान में ऐसी स्थित नहीं है। यहां की बार्डर की सुरक्षा बेहतर है। हालांकि नागरिकता के आवेदन हमारे पास पेंडिंग है, जिन्हें शिविर लगा कर निपटाया जा रहा है।
। कटारिया ने कहा कि बांग्लादेशियों को वापस भेजने का हमारे पास कोई काननू नहीं है। हम केवल उनकके पुशबैक ही कर सकते है। हमारे पास कई तरह की जानकारियां आती है। बांग्लादेशी किसी तरह पहले यहां भारत में आता है। फिर बिहार का बन कर यहां आ जाता है।