16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब बच्चा बच्चा पढ़ेगा आपातकाल की कहानी

पाठ्यक्रमों में होगा बदलाव, पढ़ाई जाएगी आपातकाल की कहानी- मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने की घोषणा- कहा आपातकाल की कहानी पढ़ाएंगे छात्रों को

2 min read
Google source verification
emergency

जयपुर।
आपातकाल के बुरे दिनों की कहानी अब स्कूल-कॉलेजों में भी पढ़ाई जाएगी। मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को यहां यह घोषणा की।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में जावड़़ेकर ने पत्रकारों से कहा कि आपातकाल लगा कर आजादी को खत्म करने का काम हुआ। प्रेस की आजादी, संगठन की आजादी छीन ली गई। एक व्यक्ति की सत्ता लालसा के चलते देश को जेल खाना बना दिया इंदिरा गांधी ने। उन्होंने कहा कि देश के हालात उस समय बहुत खराब थे। १९७३ में महंगाई इतनी अधिक बढ़ चुकी थी कि कांग्रेस को यह लग गया था कि सरकार नहीं आएगी। जून में इंदिरा गांधी के चुनाव को भी अयोग्य ठहरा दिया गया था। इस हालत में सत्ता पर कब्जा करने के लिए आपातकाल लगा दिया गया। संजय गांधी तो न्यायपालिका में ही विश्वास नहीं रखते थे। उनका बस चलता तो न्यायपालिका देश में होती ही नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार के लिए काम कर रही है।
जावड़ेकर ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों का विश्वास बने। इसलिए अब आपातकाल की सच्ची कहानी छात्रों को भी पढ़ाई जाएगी। इसके लिए पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जाएगा। स्कूल-कॉलेज के छात्र आपातकाल की सही कहानी पढ़ेंगे। छात्रों को पढ़ाया जाएगा कि कैसे आपातकाल से लड़ाई लड़ी गई, कैसे संघर्ष हुआ।

तिवाड़ी भटक गए हैं
घनश्याम तिवाड़ी की ओर से देश-प्रदेश में अघोषित आपातकाल लगने की बात पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि वे भटक गए हैं। हताश-निराश व्यक्ति हैं तिवाड़ी। वे गलत रास्ते पर चले गए हैं। तिवाड़ी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।

एक साथ हो चुनाव
प्रकाश जावड़ेकर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि एक देश-एक चुनाव की परिकल्पना एक दम सही है, लेकिन इससे पहले सभी दलों में सहमति बनानी होगी। यह सहमति बननी चाहिए। यदि सहमति बनती है तो देश को फायदा ही होगा।

मोदी के नेतृत्व में पूरे सौ रुपए का मिल रहा फायदा
जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री कहते थे कि किसी योजना में एक व्यक्ति को देने के लिए १०० रुपए का प्रावधान किया जाता है तो, व्यक्ति के पास पन्द्रह रुपए ही पहुंचते हैं। वहीं आज देश का माहौल बदल गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वजह से एक योजना के सौ रुपए का प्रावधान है तो १०० के १०० रुपए व्यक्ति तक पहुंच रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के हालात बिगड़ गए थे
जावड़ेकर ने कहा कि जम्मू कश्मीर में किसी को भी जनादेश नहीं मिला था। एेसे में विकास का एक एजेंडा तय कर पीडीपी के साथ गठबंधन किया गया था, लेकिन पिछले दो माह से जम्मू-कश्मीर के जो हालात थे। वह सही नहीं थे। एेसे में समर्थन वापस लेने का फैसला करना पड़ा।